{"_id":"62bdfdf43e2b7275c91c104f","slug":"rampur-is-sensitive-for-flood-rampur-news-mbd433146326","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ के लिहाज से रामपुर संवेदनशील जिलों में शामिल, सुरक्षा इंतजामों में जुटा प्रशासनिक अमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ के लिहाज से रामपुर संवेदनशील जिलों में शामिल, सुरक्षा इंतजामों में जुटा प्रशासनिक अमला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। बाढ़ के लिहाज से रामपुर संवेदनशील जिलों में शामिल है। लिहाजा, बाढ़ को लेकर प्रशानिक अमला तमाम इंतजाम करने में जुट गया है। लोगों को मदद पहुंचाने के लिए राशन, पशुओं को चारा उपलब्ध कराने के लिए भूसे आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग ने नदियों के तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही नदियों के किनारे के गांवों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा कि वे नदी का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।
पिछले साल रामपुर में कोसी नदी, रामगंगा नदी, पीलाखार, भाखड़ा आदि नदियों में आई बाढ़ ने जिले में तबाही मचा दी थी। नैनीताल हाईवे से लेकर दिल्ली-लखनऊ हाईवे तक पर पानी आ गया था। जबकि, तमाम गांवों में पानी घुस गया था। गांवों के संपर्क मार्ग कट गए थे। ऐसे में इस बार पिछली बार की तरह अधिक दिक्कतें न आएं, इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार के आदेश के बाद रामपुर में बाढ़ आने की स्थिति प्रभावित क्षेत्रों में राशन पहुंचाने तक का इंतजाम किया जा रहा है। जबकि, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सियाराम की माने तो रामपुर प्रदेश के संवेदनशील जिलों में शामिल है, जहां बाढ़ की संभावना अधिक रहती है। लिहाजा, बारिश से पूर्व ही तमाम इंतजाम करने होते हैं। हमारे स्तर पर नदियों के तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ से बचने के लिए नदियों के किनारे के गांवों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि नदियों का जलस्तर बढ़े, तो ग्रामीण समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।
विज्ञापन
पिछले साल रामपुर में कोसी नदी, रामगंगा नदी, पीलाखार, भाखड़ा आदि नदियों में आई बाढ़ ने जिले में तबाही मचा दी थी। नैनीताल हाईवे से लेकर दिल्ली-लखनऊ हाईवे तक पर पानी आ गया था। जबकि, तमाम गांवों में पानी घुस गया था। गांवों के संपर्क मार्ग कट गए थे। ऐसे में इस बार पिछली बार की तरह अधिक दिक्कतें न आएं, इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार के आदेश के बाद रामपुर में बाढ़ आने की स्थिति प्रभावित क्षेत्रों में राशन पहुंचाने तक का इंतजाम किया जा रहा है। जबकि, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सियाराम की माने तो रामपुर प्रदेश के संवेदनशील जिलों में शामिल है, जहां बाढ़ की संभावना अधिक रहती है। लिहाजा, बारिश से पूर्व ही तमाम इंतजाम करने होते हैं। हमारे स्तर पर नदियों के तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ से बचने के लिए नदियों के किनारे के गांवों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि नदियों का जलस्तर बढ़े, तो ग्रामीण समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।
विज्ञापन