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लोकसभा उपचुनाव : जीत के बाद भी 65 बूथों पर भाजपा नहीं छू सकी दहाई का आंकड़ा
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लोकसभा उपचुनाव : जीत के बाद भी 65 बूथों पर भाजपा नहीं छू सकी दहाई का आंकड़ा
जिले में 48 बूथों पर सपा प्रत्याशी को मिले दस से कम वोट
रामपुर। लोकसभा उपचुनाव में भले ही भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई हो, लेकिन जिले में 65 बूथ ऐसे भी निकले, जहां भाजपा दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। उसे दस वोटों से कम वोट हासिल हुए हैं। जबकि, सपा को 48 बूथों पर दस वोटों से कम वोट मिले हैं।
सपा नेता आजम खां के लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रामपुर में लोकसभा के उपचुनाव हुए। जिसमें भाजपा और सपा के बीच ही मुख्य मुकाबला रहा। उपचुनाव में जीत का सेहरा भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी के सिर सजा और वे नए सांसद बन गए। जबकि सपा प्रत्याशी आसिम राजा को शिकस्त झेलनी पड़ी। उपचुनाव की मतगणना के बाद बूथवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो जिले में जीत मिलने के बाद भी भाजपा को 65 बूथों पर वोटों का अकाल पड़ गया। ये ऐसे बूथ हैं, जहां किसी पर एक तो किसी बूथ पर नौ वोट तक मिल सके हैं। दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं हुआ है, जिसमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति रामपुर और स्वार विधानसभा क्षेत्र की रही। रामपुर में 24, मिलक में सात, बिलासपुर में दो, चमरौआ में पांच और स्वार में 27 बूूथों पर भाजपा को दस से कम वोट मिले हैं। जबकि सपा की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। आमतौर पर अधिकांश बूथों पर वोट हासिल करने वाली सपा को भी जिले में 48 बूथों पर दस से कम वोट मिले हैं। इनमें मिलक क्षेत्र में 15, बिलासपुर क्षेत्र में 10, रामपुर नगर क्षेत्र में पांच, चमरौआ क्षेत्र में पांच और स्वार क्षेत्र में 13 बूथ शामिल हैं।
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जिले में 48 बूथों पर सपा प्रत्याशी को मिले दस से कम वोट
रामपुर। लोकसभा उपचुनाव में भले ही भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई हो, लेकिन जिले में 65 बूथ ऐसे भी निकले, जहां भाजपा दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। उसे दस वोटों से कम वोट हासिल हुए हैं। जबकि, सपा को 48 बूथों पर दस वोटों से कम वोट मिले हैं।
सपा नेता आजम खां के लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रामपुर में लोकसभा के उपचुनाव हुए। जिसमें भाजपा और सपा के बीच ही मुख्य मुकाबला रहा। उपचुनाव में जीत का सेहरा भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी के सिर सजा और वे नए सांसद बन गए। जबकि सपा प्रत्याशी आसिम राजा को शिकस्त झेलनी पड़ी। उपचुनाव की मतगणना के बाद बूथवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो जिले में जीत मिलने के बाद भी भाजपा को 65 बूथों पर वोटों का अकाल पड़ गया। ये ऐसे बूथ हैं, जहां किसी पर एक तो किसी बूथ पर नौ वोट तक मिल सके हैं। दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं हुआ है, जिसमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति रामपुर और स्वार विधानसभा क्षेत्र की रही। रामपुर में 24, मिलक में सात, बिलासपुर में दो, चमरौआ में पांच और स्वार में 27 बूूथों पर भाजपा को दस से कम वोट मिले हैं। जबकि सपा की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। आमतौर पर अधिकांश बूथों पर वोट हासिल करने वाली सपा को भी जिले में 48 बूथों पर दस से कम वोट मिले हैं। इनमें मिलक क्षेत्र में 15, बिलासपुर क्षेत्र में 10, रामपुर नगर क्षेत्र में पांच, चमरौआ क्षेत्र में पांच और स्वार क्षेत्र में 13 बूथ शामिल हैं।
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