Rampur: टक्कर मारने के बाद घायल वृद्ध को सीएचसी से ले गए, रेफर किया तो नहर में फेंका, दंपती समेत तीन गिरफ्तार
रामपुर में बाइक की टक्कर लगने से साइकिल सवार बुजुर्ग घायल हो गए थे। इसके बाद बाइक सवार दंपती उन्हें उपचार के लिए सीएचसी ले गए। जब वहां से रेफर किया गया तो दंपती ने उन्हें ई रिक्शा चालक के साथ नहर में फेंक दिया था। जांच के बाद पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया है।
विस्तार
सड़क हादसे में घायल हेमराज (72) को सीएचसी से ले जाकर दंपती ने ई-रिक्शा चालक के साथ मिलकर जिंदा ही नहर में फेंक दिया था। रविवार को पुलिस ने नहर से वृद्ध का शव बरामद कर लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बुजुर्ग की मौत का कारण सिर में गहरी चोट लगने से खून बहना और पानी में डूबना आया है।
कोर्ट में पेश करने के बाद दंपती समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। 25 फरवरी को पटवाई थाना क्षेत्र के हरियाल गांव निवासी हेमराज साइकिल से सैफनी के सागरपर गांव में आयोजित एक शादी में शामिल होने जा रहे थे। राणा शुगर मिल के निकट शाहबाद के मोहल्ला हाकिमान निवासी बाइक सवार प्रेमशंकर ने साइकिल सवार बुजुर्ग को टक्कर मार दी थी।
प्रेमशंकर के साथ उनकी पत्नी नीता भी थी। हादसे में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आई थी। जिसके बाद बाइक सवार दंपती घायल बुजुर्ग को लेकर सीएचसी पहुंचे थे। सीएचसी में मौजूद चिकित्सकों ने बुजुर्ग का प्राथमिक उपचार करके रेफर कर दिया था, लेकिन बुजुर्ग की हालत बेहद खराब थी।
बाइक सवार दंपती ने पुलिस को सूचना दिए बिना बुजुर्ग को ई-रिक्शा में बैठा दिया और लेकर चल दिए। रास्ते में रुस्तमपुर गांव निवासी ई-रिक्शा चालक रामधुन के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत सीएचसी से करीब 13 किलोमीटर दूर शाहबाद तहसील क्षेत्र के उदयपुर जागीर गांव के जंगल में नहर में बुजुर्ग को जिंदा ही फेंक दिया था।
बुजुर्ग के घर नहीं पहुंचने पर उनके बेटे विजयपाल ने शाहबाद कोतवाली पहुंचकर सड़क हादसे में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस भी लापता बुजुर्ग को ढूंढने के लिए डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम का सहारा भी लिया था। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में तीनों सीएचसी से बुजुर्ग को ले जाते हुए दिखाई दिए थे।
तीनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस ने पूछताछ की तो उनकी निशानदेही पर रविवार को बुजुर्ग का शव नहर में उतराता मिला था। पुलिस ने पहले से दर्ज मुकदमे में आईपीसी की धारा 302, 201 और 120बी को बढ़ा दिया। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
हादसे का आरोप न लगे इसलिए नहर में फेंक दिया
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दंपती ने बताया कि हादसे में घायल बुजुर्ग को जब सीएचसी से रेफर किया गया था तो हालत गंभीर थाा। ऐसे में वो घबरा गए थे। इसलिए सीएचसी से ले जाकर उसको ठिकाने लगाने का प्लान बनाया और ई-रिक्शा चालक की मदद से बुजुर्ग को नहर में फेंक दिया था। घायल होने और नहर में डूबने से बुजुर्ग की मौत हो गई।
सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की हत्या और शव छिपाने में दंपती समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। - अतुल कुमार पांडेय, सीओ, शाहबाद।