बारिश का कहर: रामपुर में गिरा जर्जर भवन... महिला की मौत, अमरोहा में एक परिवार के सात लोग दबे, दो की हालत नाजुक
मुरादाबाद मंडल में लगातार बारिश का कहर जारी है। रामपुर और अमरोहा में मकान गिरने की घटनाएं सामने आई है। मलबे में दबने से रामपुर में महिला की मौत हो गई। इसके अलावा कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामपुर के मिस्टन गंज चौराहे पर एक पुरानी बिल्डिंग शनिवार देर रात भर भराकर गिर गई। जिसमें एक महिला की दबकर मौत हो गई। हादसे के दौरान लोग इस बात से अनजान थे। जैसे ही मकान का मलबा हटा तो महिला के शव निकलने से क्षेत्र में दहशत है। नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा मलबा हटाया, जबकि दो स्कूटी भी मलबे से बरामद हुई।
शनिवार रात जब भवन गिरा तो किसी को महिला के दबने को भनक तक नहीं लगी। लोग किसी के हताहत होने की बात कह रहे थे। मकान पूर्व विधायक अफरोज अली खान के बहनोई सौलत अली खान की प्रॉपर्टी बताई गई है। नगर पालिका के कर्मचारियों ने ट्रॉली और जेसीबी से मलबा उठाया।
बिल्डिंग गिरने के बाद मलबे को हटाने के दौरान एक महिला की बॉडी मिली। जिसकी पहचान मंदिर वाली गली की सीमा रस्तोगी के रूप में हुई है। अभी महिला के शव की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन ने नहीं की है। इसके अलावा दो क्षतिग्रस्त स्कुटी भी मलवे में मिली हैं।
लोगों का कहना है कि घर गिरने के बाद देर तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में रोष है। रविवार सुबह शहर विधायक आकाश सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर मृतक महिला के परिजनों को सांत्वना दी और मामले में अधिकारियों से बात की। कहा कि शहर में जर्जर बिल्डिंगों की भरमार है, जिन पर नजर रखने की जरूरत है।
बारिश में गिरा मकान, एक परिवार के सात लोग मलबे में दबे
बारिश के चलते नौगांवा सादात क्षेत्र के जाजरू गांव में मजदूर का ईंटों से बना घर भर भराकर गिर पड़ा। जिसमें मजदूर समेत परिवार के सात लोग मलबे में दब गए। ग्रामीण ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। जिसमें दो लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
वहीं, हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। गांव में रोजमर्रा की मजदूरी करने वाले अफसर अली का परिवार रहता है।
उनके परिवार में पत्नी शकीला के अलावा बेटी नजमा, मोनी उर्फ आसमीना, नजरीन, और बेटा आफताब व शादाब हैं। ईंटों से बने उनके घर की छत कच्ची है। जिसमें दो कमरे और एक बरामदा है। शुक्रवार की रात तेज बारिश हुई। इस दौरान मजदूर अफसर अली अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बरामदे में सोए हुए थे।
रात करीब तीन बजे अचानक मकान गिर गया। इस दौरान मजदूर अफसर अली और उनका पूरा परिवार मलबे में दब गया। तेज धमाके के साथ मकान के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां नजमा और नाजरीन की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, हादसे की जानकारी मिलते ही नौगांवा सादात पुलिस और राजस्व कानूनगो व लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। एडीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कराने का प्रयास किया जाएगा।