फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   protest of villagers

करंट से झुलसे संविदा बिजली कर्मी की मौत, बिजलीघर पर ग्रामीणों हंगामा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
protest of villagers
भोट (रामपुर)। बिजली लाइन का फाल्ट सही करते समय अचानक करंट से झुलसे बिजली संविदा कर्मी की सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। जैसे ही परिजनों को मौत की सूचना मिली तो वे भड़क गए। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ बिजलीघर पर हंगामा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को बीस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग रखी। सूचना पर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एक्सईएन ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की राहत राशि तथा आपसी सहयोग से भी कुछ राशि दिलवाने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीण शांत हो गए। वहीं, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस दौरान करीब चार घंटे तक भोट बिजलीघर पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
विज्ञापन

थाना क्षेत्र के महेशपुरा गांव निवासी सईद अहमद (46) पुत्र रफीक अहमद भोट बिजलीघर में कई वर्षों से संविदा कर्मचारी के पद पर कार्य कर रहे थे। बीती नौ नवंबर को क्षेत्र के खूंटाखेड़ा गांव के पास बिजली लाइन में फाल्ट हो गया था, जिसे ठीक करने के लिए वे पहुंच गए। उन्होंने लाइन का शटडाउन लेकर फाल्ट ठीक करना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

इस बीच शटडाउन होने के बावजूद उन्हें करंट लग गया और वे गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद में भर्ती कर दिया था। उपचार के दौरान रविवार देर रात संविदाकर्मी की मौत हो गई। जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी मिली, तो कोहराम मच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीण रात में ही उसके घर पहुंच गए व विभागीय कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे। सोमवार सुबह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम व भाकियू के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी के नेतृत्व में तमाम ग्रामीण भोट बिजलीघर पहुंच गए व विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिजलीघर के गेट पर धरने पर बैठ गए।
आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के आश्रितों को बीस लाख रुपये का मुआवजा व लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के धरने पर बैठने की सूचना पर उपजिलाधिकारी बिलासपुर निरंकार सिंह, तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार व अधिशासी अभियंता कमरूद्दीन विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान करीब चार घंटे तक कई दौर की वार्ता के बाद अधिशासी अभियंता द्वारा पांच लाख रुपये की राहत राशि व आपसी सहयोग से भी कुछ राशि दिलाने का प्रस्ताव दिया, जिस पर ग्रामीण शांत हो गए। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने बताया कि विभागीय लापरवाही से संविदा कर्मचारी की मौत हो गई।

फिलहाल, उपजिलाधिकारी बिलासपुर द्वारा भी मदद का आश्वासन दिया गया है तथा अधिशासी अभियंता द्वारा पांच लाख रुपये की राहत राशि देने व कर्मचारियों द्वारा भी आपसी सहयोग से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। आक्रोशित ग्रामीणों को समझा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed