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दलहन स्टॉक लिमिट के विरोध में बंद रही अनाज मंडी
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रामपुर। केंद्र सरकार की व्यापारियों के प्रति उदासीन नीतियां एवं दलहन पर लगाई गई स्टॉक लिमिट के विरोध में व्यापारियों ने अनाज मंडी बंद रखी। दोपहर तक मिस्टन गंज स्थित अनाज मंडी भी बंद रही।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की तरफ से दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाने के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश की अनाज मंडी और दाल मिल बंद रखने का आह्वान किया गया था। जिसके तहत रामपुर स्थित कृषि उत्पादन नवीन मंडी डूंगरपुर में दाल मंडी के साथ शहर की दाल मिलों को बंद रखा गया। गल्ला व्यापारियों ने भी व्यापार बंद रखा। जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना काल की वजह से व्यापारी पहले से ही बर्बाद हो चुका है। उसका व्यापार 50 फीसदी ही रह गया है। लॉकडाउन में लगातार 40 दिन कारोबार बंद रहा। जबकि, खर्चे आज भी वैसे ही बने हैं। लेकिन, सरकार द्वारा रोज नए तरीकों से व्यापारियों पर कानून बनाकर उसको परेशान किया जा रहा है। सरकार द्वारा नए-नए कानून लगाकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना था कि केंद्र और प्रदेश अधिकारियों बहकावे में न आए। व्यापार मंडल और व्यापारियों के साथ बैठकर व्यापारियों की परेशानियों को सुनें और व्यापारियों को भरोसे में लेकर कार्य करें। व्यापारियों ने दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाने के आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। जिला महामंत्री शाहिद शमसी, शोएब मोहम्मद, हारिस शमसी, बिलाल शमसी, चंद्र प्रकाश रस्तोगी, राम गुप्ता, मुकेश आर्य, वाजिद खान, शाकिब अहमद शमसी, उजैर अहमद शमसी, इमरान, सलीम, जगन्नाथ चावला, हरीश अरोड़ा, गुलशन अरोड़ा, अवतार सिंह, राम कुमार भाटिया, श्याम अग्रवाल, अनिल अरोड़ा, अजय अग्रवाल, प्रदीप खंडेलवाल आदि मौजूद थे।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की तरफ से दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाने के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश की अनाज मंडी और दाल मिल बंद रखने का आह्वान किया गया था। जिसके तहत रामपुर स्थित कृषि उत्पादन नवीन मंडी डूंगरपुर में दाल मंडी के साथ शहर की दाल मिलों को बंद रखा गया। गल्ला व्यापारियों ने भी व्यापार बंद रखा। जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना काल की वजह से व्यापारी पहले से ही बर्बाद हो चुका है। उसका व्यापार 50 फीसदी ही रह गया है। लॉकडाउन में लगातार 40 दिन कारोबार बंद रहा। जबकि, खर्चे आज भी वैसे ही बने हैं। लेकिन, सरकार द्वारा रोज नए तरीकों से व्यापारियों पर कानून बनाकर उसको परेशान किया जा रहा है। सरकार द्वारा नए-नए कानून लगाकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना था कि केंद्र और प्रदेश अधिकारियों बहकावे में न आए। व्यापार मंडल और व्यापारियों के साथ बैठकर व्यापारियों की परेशानियों को सुनें और व्यापारियों को भरोसे में लेकर कार्य करें। व्यापारियों ने दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाने के आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। जिला महामंत्री शाहिद शमसी, शोएब मोहम्मद, हारिस शमसी, बिलाल शमसी, चंद्र प्रकाश रस्तोगी, राम गुप्ता, मुकेश आर्य, वाजिद खान, शाकिब अहमद शमसी, उजैर अहमद शमसी, इमरान, सलीम, जगन्नाथ चावला, हरीश अरोड़ा, गुलशन अरोड़ा, अवतार सिंह, राम कुमार भाटिया, श्याम अग्रवाल, अनिल अरोड़ा, अजय अग्रवाल, प्रदीप खंडेलवाल आदि मौजूद थे।
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