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नहरों के मुद्दे किसानों ने कलक्ट्रेट में शुरू किया धरना प्रदर्शन
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रामपुर। नहरों की सफाई से लेकर अवैध कब्जे और पानी छोड़े जाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर बेमियादी धरना देकर प्रदर्शन किया। किसानों ने गेट खोलो, पर्दे हटाओ के भी नारे लगाए। साथ ही समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में किसान मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों पर उनकी समस्याओं का निस्तारण न करने और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की। हसीब अहमद ने कहा कि नहरों से सिंचाई के नाम पर खानापूरी की गई है। अधिकतर नहरें पाट दी गईं हैं तो कुछ पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। साथ ही नहरों की सफाई सही से नहीं की गई है। अधिकतर सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं। चीनी मिलें बाहरी जिलों का गन्ना नकद में खरीद रही हैं और जिले के किसानों को सप्लाई पर्चियां जारी नहीं की जा रही हैं।
आरोप है कि घटतौली पर भी अधिकारी अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। बिजली के बिल मनमाने तरीके से जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं का भी मुद्दा उठाया। कहा कि योजनाओं का लाभ बिचौलियों को मिल रहा है। लखनऊ में ही सारी योजनाओं हैंक कर ली जाती हैं। किसानों का कहना था कि विकास भवन हो या दूसरे दफ्तर अधिकारी पूरे दिन गेट बंद रखते हैं। ऐसे में किसान जब फरियाद लेकर पहुंचते हैं तो कर्मचारी अधिकारियों से मिलने नहीं देते है। इसलिए किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। चेतावनी दी कि जब उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो उनका धरना जारी रहेगा। धरना देने वालों मे वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल, मुस्तकीम, बंटी मास्टर, सुभाष चंद्र शर्मा,ठाकुर अजीत सिंह, चौधरी अजीत सिंह,अजय बाबू गंगवार, मोहम्मद अहमद कादरी, वीरेंद्र गंगवार, हरपाल सिंह, दरयाव सिंह, रामदास मौर्य, खुशीराम शामिल रहे।
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भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में किसान मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों पर उनकी समस्याओं का निस्तारण न करने और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की। हसीब अहमद ने कहा कि नहरों से सिंचाई के नाम पर खानापूरी की गई है। अधिकतर नहरें पाट दी गईं हैं तो कुछ पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। साथ ही नहरों की सफाई सही से नहीं की गई है। अधिकतर सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं। चीनी मिलें बाहरी जिलों का गन्ना नकद में खरीद रही हैं और जिले के किसानों को सप्लाई पर्चियां जारी नहीं की जा रही हैं।
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आरोप है कि घटतौली पर भी अधिकारी अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। बिजली के बिल मनमाने तरीके से जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं का भी मुद्दा उठाया। कहा कि योजनाओं का लाभ बिचौलियों को मिल रहा है। लखनऊ में ही सारी योजनाओं हैंक कर ली जाती हैं। किसानों का कहना था कि विकास भवन हो या दूसरे दफ्तर अधिकारी पूरे दिन गेट बंद रखते हैं। ऐसे में किसान जब फरियाद लेकर पहुंचते हैं तो कर्मचारी अधिकारियों से मिलने नहीं देते है। इसलिए किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। चेतावनी दी कि जब उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो उनका धरना जारी रहेगा। धरना देने वालों मे वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल, मुस्तकीम, बंटी मास्टर, सुभाष चंद्र शर्मा,ठाकुर अजीत सिंह, चौधरी अजीत सिंह,अजय बाबू गंगवार, मोहम्मद अहमद कादरी, वीरेंद्र गंगवार, हरपाल सिंह, दरयाव सिंह, रामदास मौर्य, खुशीराम शामिल रहे।
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