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देश के किसानों का भविष्य चौपट कर देंगे कृषि कानून

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 12:35 AM IST
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protest of farmers
भोट (रामपुर)। नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना 94वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार पर देश के किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी व प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
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कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू से जुड़े किसान पिछले 92 दिनों से सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं। रविवार को धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए जिला संगठन मंत्री होरी लाल ने कहा कि अभी तो किसान आंदोलन को नौ माह ही हुए है। सरकार अभी इन कृषि कानूनों से किसानों व देश को होने वाले नुकसान को समझ नहीं पा रही है। जल्दी ही सरकार की भी समझ में आ जाएगा कि यह कानून किसानों के लिए नुकसान देह और और फिर वह कानून भी वापस लेगी। इसलिए किसान हिम्मत न हारें व धरने पर डटे रहे। किसानों के कुछ महीने आंदोलन करने से एक फसल ही नष्ट होगी और अगर यह कृषि लागू हो गए तो यह देश के किसानों का भविष्य ही चौपट कर देंगे। इसलिए किसानों को हिम्मत नहीं हारना है और जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान पांच सितंबर को आयोजित होने वाली महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान भी किया गया। धरने में मोहम्मद तालिब, इरफान हसन, साबिर अली, जुल्फिकार हुसैन, मोहम्मद शाहिद, तौकीर अहमद, छिद्दा अली, जुम्मा,जाकिर अली, रियाजुल हसन, हारून, चंद्रसेन, सतपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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