{"_id":"63aca5e02c270059692ed59d","slug":"protest-of-bhakeu-leaders-rampur-news-mbd4518688141","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: डीसीडीएफ की बिल्डिंग की छह दुकानें खाली कराई गईं, भाकियू को एक माह की मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: डीसीडीएफ की बिल्डिंग की छह दुकानें खाली कराई गईं, भाकियू को एक माह की मोहलत
विज्ञापन
रामपुर। प्रशासन ने पुलिस बल के सहयोग बुधवार की शाम विकास भवन के पास स्थित डीसीडीएफ की बिल्डिंग की छह दुकानों को खाली करा लिया। इस बिल्डिंग में उप डाकघर और खादी ग्रामोद्योग की दुकान भी है, जिसे सील कर दिया गया। अधिकारी इस बिल्डिंग में स्थित भाकियू (टिकैत) के कार्यालय को खाली करना चाहते थे, लेकिन किसान डट गए। लगभग पांच घंटे तक चली बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला और अधिकारी लौट गए।
हाईवे किनारे विकास भवन के पास डीसीडीएफ की दो मंजिला बिल्डिंग है। बिल्डिंग में कई लोग रहते हैं, कई दुकानें भी हैं। इसमें लंबे समय से भाकियू (टिकैत) का जिला कार्यालय भी चल रहा है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों के मुतबिक यह बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। लिहाजा इसको खाली करना जरूरी है। इसको लेकर पूर्व में कई बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन किसी बिल्डिंग को खाली नहीं किया। बुधवार को दोपहर बाद लगभग 3.30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सत्यम मिश्रा , एसडीेएम सदर निरंकार सिंह और सीओ सिटी अनुज चौधरी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ डीसीडीएफ की बिल्डिंग के पास पहुंच गए। उन्होंने एक-एक करके बिल्डिंग की दुकानों को खाली करने की कार्रवाई शुरू करा दी। उप डाकघर और खादी ग्रामोद्योग की दुकान को सील कर दिया। अधिकारियों और पुलिस के आने की सूचना के बाद भाकियू के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचना शुरू हो गए। भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद भी मौके पर पहुंच गए। वो अपने साथियों के साथ कार्यालय के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए और अधिकारियों से कहा कि कार्यालय खाली करा लीजिए। भाकियू कार्यकर्ताओं के तेवर देखकर अधिकारी बैकफुट पर आ गए। उन्होंने भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के साथ कई दौर की बातचीत की। मामले को तुल पकड़ता देखकर एडीएम और एएसपी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के अंदर हसीब अहमद से बातचीत की। लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 8.30 बजे अधिकारी वहां से लौट गए। अधिकारियों का दावा है कि भाकियू ने एक माह की मोहलत मांगी है, जो उनको दे दी गई है। वहीं भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद का कहना है कि हमने कोई मोहलत नहीं मांगी है। हम यहां से नहीं जाएंगे। प्रशासन गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम तो यही पर डटे हुए हैं अन्य जनपदों से भी भाकियू के कार्यकर्ता यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। दिल्ली बॉर्डर की तरह यहां भी लंबी लड़ाई चलेगी।
विज्ञापन
हाईवे किनारे विकास भवन के पास डीसीडीएफ की दो मंजिला बिल्डिंग है। बिल्डिंग में कई लोग रहते हैं, कई दुकानें भी हैं। इसमें लंबे समय से भाकियू (टिकैत) का जिला कार्यालय भी चल रहा है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों के मुतबिक यह बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। लिहाजा इसको खाली करना जरूरी है। इसको लेकर पूर्व में कई बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन किसी बिल्डिंग को खाली नहीं किया। बुधवार को दोपहर बाद लगभग 3.30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सत्यम मिश्रा , एसडीेएम सदर निरंकार सिंह और सीओ सिटी अनुज चौधरी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ डीसीडीएफ की बिल्डिंग के पास पहुंच गए। उन्होंने एक-एक करके बिल्डिंग की दुकानों को खाली करने की कार्रवाई शुरू करा दी। उप डाकघर और खादी ग्रामोद्योग की दुकान को सील कर दिया। अधिकारियों और पुलिस के आने की सूचना के बाद भाकियू के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचना शुरू हो गए। भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद भी मौके पर पहुंच गए। वो अपने साथियों के साथ कार्यालय के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए और अधिकारियों से कहा कि कार्यालय खाली करा लीजिए। भाकियू कार्यकर्ताओं के तेवर देखकर अधिकारी बैकफुट पर आ गए। उन्होंने भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के साथ कई दौर की बातचीत की। मामले को तुल पकड़ता देखकर एडीएम और एएसपी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के अंदर हसीब अहमद से बातचीत की। लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 8.30 बजे अधिकारी वहां से लौट गए। अधिकारियों का दावा है कि भाकियू ने एक माह की मोहलत मांगी है, जो उनको दे दी गई है। वहीं भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद का कहना है कि हमने कोई मोहलत नहीं मांगी है। हम यहां से नहीं जाएंगे। प्रशासन गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम तो यही पर डटे हुए हैं अन्य जनपदों से भी भाकियू के कार्यकर्ता यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। दिल्ली बॉर्डर की तरह यहां भी लंबी लड़ाई चलेगी।
विज्ञापन