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प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण के शक में बजरंग दल के विरोध पर हंगामा, मची भगदड़
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मिलक (रामपुर)। प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण के शक में बजरंग दल के विरोध पर हंगामा खड़ा हो गया। जिस पर ईंट-पत्थर चल गए। इसमें कई लोग चोटिल हो गए। बजरंग दल के कार्यकर्ता जान बचाकर अपनी बाइक छोड़कर भाग निकले। हंगामा और पथराव के बीच कार्यकर्ताओं ने धार्मिक जुड़े एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मामला तूल पकड़ने पर सीओ ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। पुलिस मामले की जांच को लेकर कई लोगों से पूछताछ कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के लोहा पट्टी भागीरथ गांव निवासी ब्रह्मस्वरूप के मकान में रविवार को प्रार्थना सभा हो रही थी। प्रार्थना सभा के दौरान बजरंग दल नेता मुकेश पटेल कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। बकौल प्रत्यक्षदर्शी विरोध पर प्रार्थना सभा कराने वाले भड़क गए। जिस पर हंगामा खड़ा होने के बाद पथराव हो गया। पथराव में कई लोग चोटिल हो गए। मामला तूल पकड़ने पर अफरातफरी और भगदड़ मच गई। इस बीच बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की बाइक भी छूट गई। जिसको पुलिस कोतवाली ले आई। कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण कराने के शक में एक उप पादरी को पकड़ लिया। जिनको पुलिस के हवाले कर दिया। बवाल होने पर सीओ श्रीकांत प्रजापति और प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार त्यागी फोर्स के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने प्रार्थना सभा स्थल की जांच की तथा महिलाओं के बयान लिए। सीओ ने पुलिस के हवाले किए गए उप पादरी तथा गृहस्वामी के बयान लिए। धर्मांतरण होने की सूचना पर लोगों का कोतवाली में जमावड़ा लग गया। भाजपाई भी पहुंच गए। उनका कहना था कि कई गांवों में धर्मांतरण हो रहा है, लेकिन पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई से बच रही है। जिसको लेकर सीओ और कार्यकर्ताओं से घंटों बात चली। कार्यकर्ताओं का कहना था कि धर्मांतरण विधेयक पारित हो चुका है। जिसके तहत कार्रवाई की जाए। सीओ ने जांच करके कार्रवाई का भरोसा दिया।
सीओ बोले : प्रार्थना सभा हो रही थी, धर्मांतरण के नहीं मिले सबूत
सीओ श्रीकांत प्रजापति का कहना है कि पुलिस जांच में प्रार्थना सभा होने की पुष्टि हुई है। रविवार को धर्मांतरण होने की सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई है। प्रार्थना सभा में 40 लोग रहे होंगे। यह पता करने पर क्या प्रार्थना सभा की अनुमति थी और वहां पर कोविड-19 का पालन हो रहा था? जिस पर उनका कहना है कि प्रारंभिक जांच में प्रार्थना सभा की अनुमति नहीं होना पाया गया है और कोविड-19 का पालन नहीं हो रहा था। पूरे प्रकरण की जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी। सीओ ने गृहस्वामी ब्रहमस्वरूप तथा पकड़े गए उप पादरी के बयान लिए। जिसने आठ वर्षों से प्रार्थना सभा होने की बात स्वीकार की है।
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धर्मांतरण की सूचना पर समझाने पर बोला हमला : मुकेश
बजरंग दल के जिला गोरक्षा प्रमुख मुकेश पटेल का कहना है कि लोहा पट्टी भागीरथ गांव निवासी ब्रह्मस्वरूप के मकान में रविवार को प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण होने की सूचना मिली थी। तब वह कुछ लोगों के साथ वह संबधित लोगों को समझाने के लिए गए थे। इस बीच कई गांवों के जुटे लोगों ने महिलाओं को आगे कर दिया। जिन्होंने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और उनकी एक बाइक तोड़ डाली। उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ धर्म विधेयक के कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
गृह स्वामी बोले - प्रार्थना सभा में करते हैं विश्वास
गृहस्वामी ब्रह्मस्वरूप का कहना है कि वह आठ-दस साल से प्रार्थना सभा में विश्वास रखते हैं। उसका परिवार बीमार रहता था। तब उनके मिलने वाले ने ईशु वंदना का सुझाव दिया था। तब ही वह मानते हैं। उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है।
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आठ साल पहले स्वयं किया था धर्मांतरण
पुलिस के हवाले किए गए उप पादरी मनोज कुमार का कहना है कि वह पड़ोस के गांव में रहते हैं। है। आठ साल पहले उन्होंने धर्मांतरण किया था और उसका संबंध रूद्रपुर से है। जहां से वह बुलाने पर आए थे। यह कबूलनामा पुलिस के समक्ष किया।
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प्रभारी निरीक्षक बोले:गलतफहमी का शिकार थे दोनों पक्ष
प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार त्यागी का कहना है कि मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दोनों पक्षों को गलतफहमी थी। जिसे दोनों ने स्वीकार किया है। ये कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं है। नई परंपरा की श्रेणी में भी नहीं आता है तथा शासन स्तर से 40 लोग धार्मिक आयोजन में भाग ले सकते हैं।
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कोतवाली क्षेत्र के लोहा पट्टी भागीरथ गांव निवासी ब्रह्मस्वरूप के मकान में रविवार को प्रार्थना सभा हो रही थी। प्रार्थना सभा के दौरान बजरंग दल नेता मुकेश पटेल कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। बकौल प्रत्यक्षदर्शी विरोध पर प्रार्थना सभा कराने वाले भड़क गए। जिस पर हंगामा खड़ा होने के बाद पथराव हो गया। पथराव में कई लोग चोटिल हो गए। मामला तूल पकड़ने पर अफरातफरी और भगदड़ मच गई। इस बीच बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की बाइक भी छूट गई। जिसको पुलिस कोतवाली ले आई। कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण कराने के शक में एक उप पादरी को पकड़ लिया। जिनको पुलिस के हवाले कर दिया। बवाल होने पर सीओ श्रीकांत प्रजापति और प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार त्यागी फोर्स के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने प्रार्थना सभा स्थल की जांच की तथा महिलाओं के बयान लिए। सीओ ने पुलिस के हवाले किए गए उप पादरी तथा गृहस्वामी के बयान लिए। धर्मांतरण होने की सूचना पर लोगों का कोतवाली में जमावड़ा लग गया। भाजपाई भी पहुंच गए। उनका कहना था कि कई गांवों में धर्मांतरण हो रहा है, लेकिन पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई से बच रही है। जिसको लेकर सीओ और कार्यकर्ताओं से घंटों बात चली। कार्यकर्ताओं का कहना था कि धर्मांतरण विधेयक पारित हो चुका है। जिसके तहत कार्रवाई की जाए। सीओ ने जांच करके कार्रवाई का भरोसा दिया।
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सीओ बोले : प्रार्थना सभा हो रही थी, धर्मांतरण के नहीं मिले सबूत
सीओ श्रीकांत प्रजापति का कहना है कि पुलिस जांच में प्रार्थना सभा होने की पुष्टि हुई है। रविवार को धर्मांतरण होने की सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई है। प्रार्थना सभा में 40 लोग रहे होंगे। यह पता करने पर क्या प्रार्थना सभा की अनुमति थी और वहां पर कोविड-19 का पालन हो रहा था? जिस पर उनका कहना है कि प्रारंभिक जांच में प्रार्थना सभा की अनुमति नहीं होना पाया गया है और कोविड-19 का पालन नहीं हो रहा था। पूरे प्रकरण की जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी। सीओ ने गृहस्वामी ब्रहमस्वरूप तथा पकड़े गए उप पादरी के बयान लिए। जिसने आठ वर्षों से प्रार्थना सभा होने की बात स्वीकार की है।
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धर्मांतरण की सूचना पर समझाने पर बोला हमला : मुकेश
बजरंग दल के जिला गोरक्षा प्रमुख मुकेश पटेल का कहना है कि लोहा पट्टी भागीरथ गांव निवासी ब्रह्मस्वरूप के मकान में रविवार को प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण होने की सूचना मिली थी। तब वह कुछ लोगों के साथ वह संबधित लोगों को समझाने के लिए गए थे। इस बीच कई गांवों के जुटे लोगों ने महिलाओं को आगे कर दिया। जिन्होंने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और उनकी एक बाइक तोड़ डाली। उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ धर्म विधेयक के कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
गृह स्वामी बोले - प्रार्थना सभा में करते हैं विश्वास
गृहस्वामी ब्रह्मस्वरूप का कहना है कि वह आठ-दस साल से प्रार्थना सभा में विश्वास रखते हैं। उसका परिवार बीमार रहता था। तब उनके मिलने वाले ने ईशु वंदना का सुझाव दिया था। तब ही वह मानते हैं। उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है।
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आठ साल पहले स्वयं किया था धर्मांतरण
पुलिस के हवाले किए गए उप पादरी मनोज कुमार का कहना है कि वह पड़ोस के गांव में रहते हैं। है। आठ साल पहले उन्होंने धर्मांतरण किया था और उसका संबंध रूद्रपुर से है। जहां से वह बुलाने पर आए थे। यह कबूलनामा पुलिस के समक्ष किया।
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प्रभारी निरीक्षक बोले:गलतफहमी का शिकार थे दोनों पक्ष
प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार त्यागी का कहना है कि मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दोनों पक्षों को गलतफहमी थी। जिसे दोनों ने स्वीकार किया है। ये कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं है। नई परंपरा की श्रेणी में भी नहीं आता है तथा शासन स्तर से 40 लोग धार्मिक आयोजन में भाग ले सकते हैं।