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हर हाल में जमा करें जकात
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:23 AM IST
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स्वार में मस्जिद ख्वाजा गरीब नवाज में खत्म कुरान-ए-पाक के मौके पर दुआ करते उलेमा और अन्य नमाजी।
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मौलाना कारी रईस अहमद ने कहा कि तिलावते कुरान-ए-पाक खत्म के वक्त सत्तर हजार फरिश्तों का नुजूल होता है जो कुरान पढ़ने वाले और शिरकत करने वालों के लिये दुआएं मगफिरत करते हैं। खत्म तिलावत कुरान के वक्त अल्लाह दुआएं कुबूल फरमाता है।
बुधवार की देर शाम नगर के मोहल्ला रसूलपुर स्थित मस्जिद ख्वाजा गरीब नवाज में खत्म तिलावते कुरान पाक के बाद बयान करते हुए इमाम मौलाना कारी रईस अहमद ने कुरान की फजीलते बयां की ।
कहा कि खत्म तिलावते कुरान के वक्त सत्तर हजार फरिश्ते आसमान से नुजूल फरमाते है जो सुबह तुलूह आफताब होेने तक कुरान पढ़ने वाले और शिरकत करने वालों की दुआएं मगफिरत करते है। खत्म तिलावते कुरान पाक दुआओं के कुबूल होने का सबसे अफजल व आसान तरीका है। कुरान इंसानी जिंदगी के हर शोबे के लिए राहेनुमा है। उन्होंने जकात का बयान करते हुए कहा कि अपने माल की जकात अदा किए बगैर साहिबे निसाब की कोई इबादत हरगिज कबूल नहीं होती है। इस मौके पर तमाम लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने मुसलमानों से जकात की अदायगी पर बल दिया। इस दौरान नबी ए करीम की शान में नाते पाक और सलातों सलाम का नजराना पेश किया गया। बाद में मुल्क और कौम की तरक्की व सलामती की दुआ की गई। इस अवसर पर हाफिज कारी मोहम्मद आरिफ, नबीफ अहमद, मोहम्मद जसीम, मोबीन कुरैशी, अमीर अहमद, नन्ने अंसारी, इरफान नब्बू, एडवोकेट तकमील अहमद, जलीस अहमद, बाबू, कारी रहमत अली, कारी जाबिर, मोहम्मद फारुख आदि मौजूद रहे।
बुधवार की देर शाम नगर के मोहल्ला रसूलपुर स्थित मस्जिद ख्वाजा गरीब नवाज में खत्म तिलावते कुरान पाक के बाद बयान करते हुए इमाम मौलाना कारी रईस अहमद ने कुरान की फजीलते बयां की ।
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कहा कि खत्म तिलावते कुरान के वक्त सत्तर हजार फरिश्ते आसमान से नुजूल फरमाते है जो सुबह तुलूह आफताब होेने तक कुरान पढ़ने वाले और शिरकत करने वालों की दुआएं मगफिरत करते है। खत्म तिलावते कुरान पाक दुआओं के कुबूल होने का सबसे अफजल व आसान तरीका है। कुरान इंसानी जिंदगी के हर शोबे के लिए राहेनुमा है। उन्होंने जकात का बयान करते हुए कहा कि अपने माल की जकात अदा किए बगैर साहिबे निसाब की कोई इबादत हरगिज कबूल नहीं होती है। इस मौके पर तमाम लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने मुसलमानों से जकात की अदायगी पर बल दिया। इस दौरान नबी ए करीम की शान में नाते पाक और सलातों सलाम का नजराना पेश किया गया। बाद में मुल्क और कौम की तरक्की व सलामती की दुआ की गई। इस अवसर पर हाफिज कारी मोहम्मद आरिफ, नबीफ अहमद, मोहम्मद जसीम, मोबीन कुरैशी, अमीर अहमद, नन्ने अंसारी, इरफान नब्बू, एडवोकेट तकमील अहमद, जलीस अहमद, बाबू, कारी रहमत अली, कारी जाबिर, मोहम्मद फारुख आदि मौजूद रहे।