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मीना हादसे की खबर सुनकर गमजदा हो गए लोग
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Thu, 24 Sep 2015 11:30 PM IST
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मीना (सऊदी अरब) में शैतान को कंकड़ मारने के दौरान हुए हादसे की खबर सुनकर लोग गमजदा हो गए। उन्होंने अपनों का हाल चाल जानने के लिए राबता किया। साथ ही हादसे में मरने वालों की मगफिरत के लिए दुआ भी की। हज आजमीन मीना में शैतान को कंकड़ मारने का अरकान अदा रहे थे। इस दौरान भगदड़ मई गई।
हादसे में सैकड़ों हाजियों की मौत हो गई। हादसे की खबर सुनकर लोग गमजदा हो गए। जिले से भी एक हजार से ज्यादा लोग हज सफर गए हैं। हादसे की खबर सुनकर उनके अजीजों अकारिब गमजदा हो गए। बैचेन होकर फोन से राबता कायम करने की कोशिश की। हालांकि जिले के किसी भी हज आजमीन के मरने की कोई खबर नहीं मिली है।
जिन हज यात्रियों से राबता कायम नहीं हो सका है उनके रिश्तेदार बैचेन हैं। लोगों ने हादसे पर गहरे गम का इजहार करते हुए मरने वालों की मगफिरत और खानदान वालों को सब्र देने की दुआ की। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से भी काफी तादाद में लोग हज के सफर पर गए हैं। सैदनगर के मिश्रीनगर शुमाली से जमील और पत्नी भी हज को गई हैं।
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इनके अलावा मिलक मिर्जा फैयाज, धनुपुरा, रतनपुरा, काशीपुर, ढक्का, नगलिया आकिल, खेमपुर, खेड़ा टांडा, दौंकपुरी टांडा,शौकतनगर, हमीरपुर, सरावा, बैजना गांव से भी लोग हज सफर को गए हैं। हादसे की खबर सुनकर इन गांवों में गम का माहौल पैदा हो गया है। कुछ लोगों का अपने रिश्तेदारों से राबता कायम नहीं हो सका। लिहाजा उनमें बैचेनी है। अपनों का हाल चाल जानने के लिए राबता कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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हादसे में सैकड़ों हाजियों की मौत हो गई। हादसे की खबर सुनकर लोग गमजदा हो गए। जिले से भी एक हजार से ज्यादा लोग हज सफर गए हैं। हादसे की खबर सुनकर उनके अजीजों अकारिब गमजदा हो गए। बैचेन होकर फोन से राबता कायम करने की कोशिश की। हालांकि जिले के किसी भी हज आजमीन के मरने की कोई खबर नहीं मिली है।
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जिन हज यात्रियों से राबता कायम नहीं हो सका है उनके रिश्तेदार बैचेन हैं। लोगों ने हादसे पर गहरे गम का इजहार करते हुए मरने वालों की मगफिरत और खानदान वालों को सब्र देने की दुआ की। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से भी काफी तादाद में लोग हज के सफर पर गए हैं। सैदनगर के मिश्रीनगर शुमाली से जमील और पत्नी भी हज को गई हैं।
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इनके अलावा मिलक मिर्जा फैयाज, धनुपुरा, रतनपुरा, काशीपुर, ढक्का, नगलिया आकिल, खेमपुर, खेड़ा टांडा, दौंकपुरी टांडा,शौकतनगर, हमीरपुर, सरावा, बैजना गांव से भी लोग हज सफर को गए हैं। हादसे की खबर सुनकर इन गांवों में गम का माहौल पैदा हो गया है। कुछ लोगों का अपने रिश्तेदारों से राबता कायम नहीं हो सका। लिहाजा उनमें बैचेनी है। अपनों का हाल चाल जानने के लिए राबता कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।