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वैक्सीनेशन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं पंचायत सहायक व रोजगार सेवक
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रामपुर। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जनपद में 20 जनवरी तक निर्धारित आयु वर्ग के लोगों में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने के लिए पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों के साथ वर्चुअल बैठक कर जरूरी निर्देश दिए हक्।
जिलाधिकारी ने मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की पहली डोज लेने से छूटे हुए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैक्सीनेशन सेंटर पर लाकर वैक्सिनेट कराने के लिए ग्राम निगरानी समिति के सदस्यों में शामिल पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी तक जनपद में निर्धारित आयु वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को पहली डोज लग जाए तथा वे लोग दूसरी डोज भी समय पर लगवाएं। इसके लिए ग्राम निगरानी समिति की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह ग्राम पंचायत के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को समय पर वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न इन विषम परिस्थितियों में अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह वैक्सीनेशन अनिवार्य रूप से कराएं। यह उनके स्वयं के जीवन के साथ उनके परिजन और अन्य लोगों के लिए भी जरूरी है। क्योंकि वैक्सीन न कराने वाले लोग जब संक्रमित होते हैं, तो उनमें गंभीर लक्षण सामने आ रहे हैं तथा वे अधिकतम लोगों में संक्रमण को फैलाने के लिए भी जिम्मेदार बनते हैं।
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पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों की यह जिम्मेदारी है कि वे ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ऐसे लोगों की सूची प्राप्त करके उनमें वैक्सीनेशन कराएं। वर्तमान में जिले में 15 वर्ष से 18 वर्ष तक के किशोर और किशोरियों में भी वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। इसलिए निगरानी समिति की यह जिम्मेदारी है कि वह किशोर और किशोरियों को भी वैक्सिनेशन के लिए प्रोत्साहित करें।
डीएम ने ग्राम निगरानी समिति का पुनर्गठन करते हुए ग्राम प्रधान को अध्यक्ष, पंचायत सहायक को सदस्य सचिव के साथ-साथ सदस्य के रूप में ग्राम पंचायत सचिव, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, राशन डीलर, लेखपाल, रोजगार सेवक, स्वच्छाग्रही, चौकीदार और युवक मंगल दल के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की पहली डोज लेने से छूटे हुए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैक्सीनेशन सेंटर पर लाकर वैक्सिनेट कराने के लिए ग्राम निगरानी समिति के सदस्यों में शामिल पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी तक जनपद में निर्धारित आयु वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को पहली डोज लग जाए तथा वे लोग दूसरी डोज भी समय पर लगवाएं। इसके लिए ग्राम निगरानी समिति की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह ग्राम पंचायत के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को समय पर वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें।
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उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न इन विषम परिस्थितियों में अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह वैक्सीनेशन अनिवार्य रूप से कराएं। यह उनके स्वयं के जीवन के साथ उनके परिजन और अन्य लोगों के लिए भी जरूरी है। क्योंकि वैक्सीन न कराने वाले लोग जब संक्रमित होते हैं, तो उनमें गंभीर लक्षण सामने आ रहे हैं तथा वे अधिकतम लोगों में संक्रमण को फैलाने के लिए भी जिम्मेदार बनते हैं।
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पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों की यह जिम्मेदारी है कि वे ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ऐसे लोगों की सूची प्राप्त करके उनमें वैक्सीनेशन कराएं। वर्तमान में जिले में 15 वर्ष से 18 वर्ष तक के किशोर और किशोरियों में भी वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। इसलिए निगरानी समिति की यह जिम्मेदारी है कि वह किशोर और किशोरियों को भी वैक्सिनेशन के लिए प्रोत्साहित करें।
डीएम ने ग्राम निगरानी समिति का पुनर्गठन करते हुए ग्राम प्रधान को अध्यक्ष, पंचायत सहायक को सदस्य सचिव के साथ-साथ सदस्य के रूप में ग्राम पंचायत सचिव, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, राशन डीलर, लेखपाल, रोजगार सेवक, स्वच्छाग्रही, चौकीदार और युवक मंगल दल के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।