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Rampur News: बिलासपुर में ओलावृष्टि से धान की फसल तबाह, गन्ना जमीन पर बिछा
Sat, 10 Oct 2026 02:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:20 AM IST
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बिलासपुर (रामपुर)। बुधवार रात के बाद शुक्रवार को दिन में भी मौसम की बेरुखी ने किसानों को बड़ा झटका दिया। खासकर बिलासपुर क्षेत्र में सुबह करीब साढ़े 11 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश और भयंकर ओलावृष्टि शुरू हो गई।
आधे घंटे तक चली इस आपदा ने पूरी तहसील में तबाही मचा दी। ओलावृष्टि का आलम यह रहा कि नैनीताल हाईवे पर करीब एक फीट ऊंची ओलों की परत जम गई। खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई और गन्ने की फसल जमीन पर बिछ गई।
कई स्थानों पर ट्रैक्टरों की छतरियां तक फट गईं। तूफान के कारण नैनीताल हाईवे समेत तमाम सड़कों पर जगह-जगह पेड़ गिर गए। नगर में सर्व संस्कृति स्कूल के पास कई पेड़ टूटकर हाईवे पर गिर गए, जिससे जाम लग गया।
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धनौरा मोड़ से रम्पुरा जाने वाले मार्ग पर ज्वालापुर गांव के पास एक विशाल पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे बिजली के दो खंभे भी टूट गए। माठखेड़ा रोड पर भी यही हाल रहा। पुलिस ने वाहनों को नगर के बीच से गुजरने से रोक दिया और बाईपास से डायवर्ट किया।
बारिश थमने के बाद एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया ने ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया और राजस्व कर्मियों से नुकसान का आकलन कराया। एसडीएम ने बताया कि खराब फसल का सर्वे कराया जा रहा है और पीड़ित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
वहीं, भाजपा नेता संतोष शर्मा, सपा नेता अमरजीत सिंह ढिल्लो, तेजेंद्र सिंह बिर्क और भाकियू नेता मोहम्मद हनीफ वारसी आदि ने भी क्षेत्र का भ्रमण कर किसानों का दुख साझा किया और प्रशासन से जल्द मुआवजे की मांग की।
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यह क्षेत्र रहे सर्वाधिक प्रभावित
किसानों के अनुसार, नवाबगंज, जाफराबाद, चीनी मिल, फुलसुंघा, कोटा अली नगर, चंदेन, सिहोर, सिहोरा और ढाकी समेत तमाम गांवों में ओले गिरे। इसके बाद तेज गति से तूफान आया, बारिश शुरू हुई और फिर ओलों की बौछार ने आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
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हाईवे पर मेले जैसा माहौल
हाईवे और खेतों में एक फीट तक ओलों की परत जम गई। सड़क पर वाहनों के टायरों के निशान तक ओलों में कैद हो गए। लोगों ने कहा कि पहाड़ों जैसा नजारा हो गया है।
रुद्र-बिलास चीनी मिल के पास हाईवे पर कई स्थानों पर जमी ओलों की परत देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीरों ने वाहन रोककर नजारे का लुत्फ उठाया। स्कूल की छुट्टी के बाद पहुंचे विद्यार्थी ओलों से खेलते और एक-दूसरे पर फेंकते नजर आए। कई लोग पॉलीथिन में ओले भरकर घर ले जाते दिखे।
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किसानों ने कहा- ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा
किसानों ने कहा कि ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। आधे घंटे में ही उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में धान की बालियां ओलों के नीचे दब गईं। किसानों ने कहा कि ऊपर वाले ने कहर बरपाया है, अब वही मदद करेगा।
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सड़कों पर जाम, बिजली गुल
नैनीताल हाईवे, रम्पुरा रोड और माठखेड़ा रोड पर पेड़ गिरने से दो से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। 50 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। नगर की बिजली भी ठप हो गई। पुलिस ने आरा मशीन से पेड़ कटवाकर रास्ता खुलवाया। करीब चार घंटे तक लोग मुसीबत में फंसे रहे।
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आधे घंटे तक चली इस आपदा ने पूरी तहसील में तबाही मचा दी। ओलावृष्टि का आलम यह रहा कि नैनीताल हाईवे पर करीब एक फीट ऊंची ओलों की परत जम गई। खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई और गन्ने की फसल जमीन पर बिछ गई।
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कई स्थानों पर ट्रैक्टरों की छतरियां तक फट गईं। तूफान के कारण नैनीताल हाईवे समेत तमाम सड़कों पर जगह-जगह पेड़ गिर गए। नगर में सर्व संस्कृति स्कूल के पास कई पेड़ टूटकर हाईवे पर गिर गए, जिससे जाम लग गया।
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धनौरा मोड़ से रम्पुरा जाने वाले मार्ग पर ज्वालापुर गांव के पास एक विशाल पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे बिजली के दो खंभे भी टूट गए। माठखेड़ा रोड पर भी यही हाल रहा। पुलिस ने वाहनों को नगर के बीच से गुजरने से रोक दिया और बाईपास से डायवर्ट किया।
बारिश थमने के बाद एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया ने ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया और राजस्व कर्मियों से नुकसान का आकलन कराया। एसडीएम ने बताया कि खराब फसल का सर्वे कराया जा रहा है और पीड़ित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
वहीं, भाजपा नेता संतोष शर्मा, सपा नेता अमरजीत सिंह ढिल्लो, तेजेंद्र सिंह बिर्क और भाकियू नेता मोहम्मद हनीफ वारसी आदि ने भी क्षेत्र का भ्रमण कर किसानों का दुख साझा किया और प्रशासन से जल्द मुआवजे की मांग की।
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यह क्षेत्र रहे सर्वाधिक प्रभावित
किसानों के अनुसार, नवाबगंज, जाफराबाद, चीनी मिल, फुलसुंघा, कोटा अली नगर, चंदेन, सिहोर, सिहोरा और ढाकी समेत तमाम गांवों में ओले गिरे। इसके बाद तेज गति से तूफान आया, बारिश शुरू हुई और फिर ओलों की बौछार ने आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
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हाईवे पर मेले जैसा माहौल
हाईवे और खेतों में एक फीट तक ओलों की परत जम गई। सड़क पर वाहनों के टायरों के निशान तक ओलों में कैद हो गए। लोगों ने कहा कि पहाड़ों जैसा नजारा हो गया है।
रुद्र-बिलास चीनी मिल के पास हाईवे पर कई स्थानों पर जमी ओलों की परत देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीरों ने वाहन रोककर नजारे का लुत्फ उठाया। स्कूल की छुट्टी के बाद पहुंचे विद्यार्थी ओलों से खेलते और एक-दूसरे पर फेंकते नजर आए। कई लोग पॉलीथिन में ओले भरकर घर ले जाते दिखे।
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किसानों ने कहा- ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा
किसानों ने कहा कि ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। आधे घंटे में ही उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में धान की बालियां ओलों के नीचे दब गईं। किसानों ने कहा कि ऊपर वाले ने कहर बरपाया है, अब वही मदद करेगा।
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सड़कों पर जाम, बिजली गुल
नैनीताल हाईवे, रम्पुरा रोड और माठखेड़ा रोड पर पेड़ गिरने से दो से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। 50 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। नगर की बिजली भी ठप हो गई। पुलिस ने आरा मशीन से पेड़ कटवाकर रास्ता खुलवाया। करीब चार घंटे तक लोग मुसीबत में फंसे रहे।