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मियादी बुखार का कहर, नौ और मरीजों की मौत
अमर उजाला/ ब्यूरोरामपुर
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:04 AM IST
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भोट के खुर्शीदनगर गांव में आयोजित कैंप में मरीजों को दवाई देती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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जिले में बुखार ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भोट क्षेत्र के खुर्शीदनगर गांव में बुखार से पांच की मौत के बाद अब सैदनगर क्षेत्र के ढक्का हाजीनगर, मुरसैना, नगलिया और मिलक अब्बू गांव में बुखार से पीड़ित नौ और मरीजों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग पीड़ित हैं। ये मौतें पिछले तीन दिनों में हुई हैं। वहीं सेहत महकमा मौत की जानकारी से बेखबर है। पिछले बीस दिन में 17 लोगों की मौत हो चुकी है, इससे ग्रामीण भयभीत हैं।
कभी उमस भरी गर्मी तो कभी बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। बुखार का कहर यूं तो पिछले एक पखवाड़े से कायम है, लेकिन अब बु्खार जानलेवा होने लगा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बुखार का कहर बरपना शुरू हो गया है। भोट क्षेत्र के खुर्शीदनगर गांव में बुखार से पांच की मौत के बाद सैदनगर क्षेत्र के ही ढक्का हाजीनगर में भी बुखार से चार लोगों की मौत का मामला सामने आया है। ढक्का हाजीनगर में कल्लू, रईस अहमद, शकूलनबी, इफ्तेखार की मौत तीन दिन के भीतर हो गई। वह काफी समय से बुखार से पीड़ित थे।
इसी तरह मुरसैना गांव में मुसरिम और रामौतार, मिलक अब्बू में वजीर हसन, नगलिया आकिल के मझरे में जमशेद और अशरफ अली के छह साल के बेटे मोहम्मद आसिक की भी बुखार से मौत हो गई। नौ लोगों की मौत पिछले तीन दिन में होना बताई गई हैं। इस तरह अब तक जिले में बुखार से 17 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
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दस दिन पूर्व मिलक तहसील के लोहा गांव में बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर बात यह है कि इतनी मौत हो जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है। किसी भी ग्रामीण इलाकों में बुखार का कहर पर अंकुश लगाने के लिए फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है।
कभी उमस भरी गर्मी तो कभी बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। बुखार का कहर यूं तो पिछले एक पखवाड़े से कायम है, लेकिन अब बु्खार जानलेवा होने लगा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बुखार का कहर बरपना शुरू हो गया है। भोट क्षेत्र के खुर्शीदनगर गांव में बुखार से पांच की मौत के बाद सैदनगर क्षेत्र के ही ढक्का हाजीनगर में भी बुखार से चार लोगों की मौत का मामला सामने आया है। ढक्का हाजीनगर में कल्लू, रईस अहमद, शकूलनबी, इफ्तेखार की मौत तीन दिन के भीतर हो गई। वह काफी समय से बुखार से पीड़ित थे।
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इसी तरह मुरसैना गांव में मुसरिम और रामौतार, मिलक अब्बू में वजीर हसन, नगलिया आकिल के मझरे में जमशेद और अशरफ अली के छह साल के बेटे मोहम्मद आसिक की भी बुखार से मौत हो गई। नौ लोगों की मौत पिछले तीन दिन में होना बताई गई हैं। इस तरह अब तक जिले में बुखार से 17 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
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दस दिन पूर्व मिलक तहसील के लोहा गांव में बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर बात यह है कि इतनी मौत हो जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है। किसी भी ग्रामीण इलाकों में बुखार का कहर पर अंकुश लगाने के लिए फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है।