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आखिरकार दोनों अबोध बच्चियों को मिल ही गया मां का आंचल
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:46 AM IST
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कोसी पुल के पास झाड़ियों में पिता द्वारा छोड़ी गईं दोनों अबोध बच्चियों को आखिरकार अपनी मां का आंचल मिल ही गया। पुलिस ने कागजी कार्रवाई करने के बाद बच्चियों को उसकी मां को सौंप दिया है। जबकि पिता को चेतावनी देते हुए छोड़ दिया है।
रविवार को मंसूरपुर का एक युवक कोसी पुल की तरफ से गुजर रहा था। इस बीस झाड़ियों में दो मासूम बच्चियों (जिनकी उम्र ढाई साल व डेढ़ है) को उसने कूड़े के ढेर में बंधा देखा था। जानकारी पर तमाम लोग वहां पहुंच गए। दोनों बच्चियों के हाथ पैर खोलकर चमरौवा के पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद अकबर के घर पर ले जाया गया। जहां उनको खाना खिलाया गया। लोगों के पूछने पर बड़ी बच्ची ने अपना नाम तैयबा बताया, जबकि दूसरी को अपनी छोटी बहन तानिया बताया। कहा कि दोनो को उसके पिता सुबह के समय बांधकर चले गए थे। यह सुनकर वहां पर खड़ी महिलाओं के आंखों में आंसू आ गए। जिसके बाद पूर्व ब्लाक प्रमुख अकबर के घर पर उन दोनों बच्चियों को रख लिया गया था।
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इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अगले दिन सोमवार को खबर पढ़कर एक व्यक्ति रफी (जो कि गांव फैजुल्लानगर का रहने वाला है) पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर पहुंचा। उसने बेटियों को घर ले जाने की बात कही थी। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस को बुलवा लिया। पुलिस ने रफी को हिरासत में ले लिया था। जहां उसने बताया कि पत्नी नफीस से झगड़ा होने पर वह दोनों बेटियों को छोड़ आया था। इधर, मंगलवार को पुलिस ने रफी की पत्नी नफीस जहां को बुलाया। उसने बताया कि झगड़ा हो जाने के बाद बच्चों को लेकर चले आए थे। मेरे न आने के कारण इस तरह की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने सारी कागजी कार्रवाई होने के बाद बच्चियों को मां के हवाले कर दिया है।
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