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मंडी घोटाले में सचिव गजेंद्र त्यागी सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sun, 05 Mar 2017 01:05 AM IST
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मंडी शुल्क घोटाले में रामपुर मंडी समिति के सचिव भी फंस गए हैं। घोटाले के लिए उन्हें भी दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। उन्हें लखनऊ में अटैच कर उनके स्थान पर शाहबाद के सचिव को प्रभारी सचिव बनाया है। शासन ने सचिव को मंडी की दुकानों की नीलामी में भी गड़बड़ी करने का दोषी माना है।
रामपुर मंडी समिति में टिंबर फर्में कई साल से मंडी शुल्क की चोरी कर रही हैं। कुछ महीने पहले मंडी शुल्क चोरी का मामला कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां के पास पहुंचा था। आजम खां ने जांच के आदेश दिए थे। इसके लिए तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई थी। हालांकि कमेटी ने तो जांच नहीं की। लेकिन, मंडी समिति सचिव गजेंद्र कुमार त्यागी ने अपने स्तर से विभागीय जांच शुरू कर दी। जनवरी 2017 से लेकर दिसंबर व नवंबर 2016 की जांच की तो करीब दो करोड़ घोटाला पकड़ में आ गया। सचिव की ओर से 16 टिंबर फर्मों को नोटिस जारी कर मंडी सहायक अवनीश कंबोज और 16 टिंबर फर्मों के खिलाफ गंज कोतवाली में रिपोर्ट करा दी गई है। मंडी सहायक निलंबित भी हो चुका है। सचिव ने 2016 के भी महीनेवार जांच कर रहे हैं।
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करीब आठ महीने की जांच में करीब पांच करोड़ का और घोटाला पकड़ में आ चुके हैं। इसमें भी टिंबर फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं। घोटाले में अब तक 20 से ज्यादा टिंबर फर्में फंस चुकी हैं। मंडी शुल्क घोटाले का मामला शासन में भी पहुंच गया है। शासन ने रामपुर मंडी समिति सचिव गजेंद्र कुमार त्यागी को भी दोषी मानते हुए निलंबित कर मुख्यालय से अटैच कर दिया। शाहबाद के सचिव चंदन सिंह को रामपुर समिति का अतिरिक्त चार्ज सौंपा है। इससे पहले किसान फल सब्जी आढ़ती वेलेफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष तनवीर अहमद खां गुड्डू ने डायरेक्टर राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद से सचिव पर दुकानों की नीलामी धांधली करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शासन ने सचिव को दुकानों की नीलामी में भी धांधली का दोषी माना है।
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