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Rampur News: देखो मेरे नबी की शान, बच्चा-बच्चा है कुर्बान
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ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जिलेभर में निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश (ईद मिलादुन्नबी) शुक्रवार को जिलेभर में जोश ओ खरोश के साथ मनाई गई। जगह-जगह जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए। देखो मेरे नबी की शान, बच्चा-बच्चा है कुर्बान और सरकार की आमद मरहबा के नारों से फिजा गूंज उठी। इस दौरान शरबत, मिष्ठान और फलों का वितरण भी किया गया। जलसे भी हुए, जिसमें उलमा ने तकरीर की।
रामपुर शहर में किले के मैदान से जुलूस की शुरूआत हुई। यहां शहर और आसपास के गांव के लोग जमा हुए। मजहबी परचम के साथ नबी की शान में नारे लगाते हुए हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया। जुलूस में सजधज कर आए तालिब-ए-इल्म की टोलियां और उलमा नात पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस का कई जगहों पर स्वागत किया गया और शर्बत, चाय, हलुवा वितरित किया गया। जुलूस में करीब 50 अंजुमन सुबह 9 बजे से किले के मैदान में जमा हुई।
सुबह 10 बजे एक बड़े जुलूस की शक्ल में तमाम अंजुमने किला मैदान से रवाना हुईं। जुलूस हामिद गेट, जच्चा बच्चा सेंटर, सर्राफा बाजार, जामा मस्जिद, पान दरीबा, गुइया तालाब, चौकी राज्जड, झूले वाली इमली, चौकी पाखड़, होता हुआ आस्ताना आलिया जमालिया पर समाप्त हुआ। इस दौरान काजी ए शरआ एवं जिला मुफ्ती फैजान मियां ने अमन के साथ ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाने पर जोर दिया।
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कहा कि हमें जरूरतमंदों, गरीबों और बेसहारा लोगों की भरपूर मदद करनी चाहिए। इस मौके पर हाफिज जमाल उल्लाह साहब की दरगाह के सज्जादानशीन फहद अहमद जमाली भी मौजूद रहे। जुलूस में ज्वालानगर और अजीतपुर का जुलूस भी शौकत अली रोड से होते हुए बड़े जुलूस में शामिल हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी तैनात रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश (ईद मिलादुन्नबी) शुक्रवार को जिलेभर में जोश ओ खरोश के साथ मनाई गई। जगह-जगह जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए। देखो मेरे नबी की शान, बच्चा-बच्चा है कुर्बान और सरकार की आमद मरहबा के नारों से फिजा गूंज उठी। इस दौरान शरबत, मिष्ठान और फलों का वितरण भी किया गया। जलसे भी हुए, जिसमें उलमा ने तकरीर की।
रामपुर शहर में किले के मैदान से जुलूस की शुरूआत हुई। यहां शहर और आसपास के गांव के लोग जमा हुए। मजहबी परचम के साथ नबी की शान में नारे लगाते हुए हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया। जुलूस में सजधज कर आए तालिब-ए-इल्म की टोलियां और उलमा नात पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस का कई जगहों पर स्वागत किया गया और शर्बत, चाय, हलुवा वितरित किया गया। जुलूस में करीब 50 अंजुमन सुबह 9 बजे से किले के मैदान में जमा हुई।
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सुबह 10 बजे एक बड़े जुलूस की शक्ल में तमाम अंजुमने किला मैदान से रवाना हुईं। जुलूस हामिद गेट, जच्चा बच्चा सेंटर, सर्राफा बाजार, जामा मस्जिद, पान दरीबा, गुइया तालाब, चौकी राज्जड, झूले वाली इमली, चौकी पाखड़, होता हुआ आस्ताना आलिया जमालिया पर समाप्त हुआ। इस दौरान काजी ए शरआ एवं जिला मुफ्ती फैजान मियां ने अमन के साथ ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाने पर जोर दिया।
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कहा कि हमें जरूरतमंदों, गरीबों और बेसहारा लोगों की भरपूर मदद करनी चाहिए। इस मौके पर हाफिज जमाल उल्लाह साहब की दरगाह के सज्जादानशीन फहद अहमद जमाली भी मौजूद रहे। जुलूस में ज्वालानगर और अजीतपुर का जुलूस भी शौकत अली रोड से होते हुए बड़े जुलूस में शामिल हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी तैनात रही।