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Rampur News: अब सीएचसी पर भी लगेगा हार्ट अटैक के मरीजों को जीवनरक्षक इंजेक्शन
Sun, 30 Aug 2026 11:31 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:31 PM IST
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रामपुर। जिला अस्पताल के साथ अब जिले की पांचों सीएचसी पर भी हार्ट अटैक के मरीजों को जीवनरक्षक इंजेक्शन तत्काल लग सकेगा। स्वास्थ्यकर्मियों को इंजेक्शन के इस्तेमाल और मरीज को तत्काल उपचार देने का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अब इलाज के लिए 40 से 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सीएचसी पर ही प्राथमिक जांच के बाद जरूरत पड़ने पर गोल्डन आवर में जीवनरक्षक इंजेक्शन लगाया जा सकेगा। अब तक ग्रामीण इलाकों में हार्ट अटैक पड़ने पर मरीज और तीमारदार जिला अस्पताल की ओर दौड़ लगाते थे। कई बार लंबी दूरी और रास्ते में लगने वाले समय के कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती थी। समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत तक हो जाती थी।
सीएमओ डॉ. दीपा सिंह के प्रयास से अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे हार्ट अटैक के मरीजों को समय पर उपचार मिलने और उनकी जान बचाने की उम्मीद बढ़ी है। जिला अस्पताल में अब तक हार्ट अटैक के तीन मरीजों को टेनक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाकर बचाया जा चुका है।
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पांचों सीएचसी पर रखा गया स्टॉक
रामपुर। जनपद के स्वार, बिलासपुर, शाहबाद, मिलक और टांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जीवनरक्षक इंजेक्शन का स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक सीएचसी पर पांच इंजेक्शन सुरक्षित रखे गए हैं। इन्हें आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी इनके इस्तेमाल और हार्ट अटैक के मरीज को तत्काल उपचार देने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है। जरूरत पड़ने पर सीएचसी से ही मरीज को शुरुआती उपचार देकर आगे रेफर किया जा सकेगा।
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मेरठ की टीम तय करेगी इंजेक्शन लगेगा या नहीं
हार्ट अटैक के मरीज को सीएचसी पर लाने के बाद चिकित्सक तत्काल जांच करेंगे। मरीज की ईसीजी रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर मेरठ की विशेषज्ञ टीम से परामर्श लिया जाएगा। मेरठ की टीम रिपोर्ट देखने के बाद तय करेगी कि मरीज को जीवनरक्षक इंजेक्शन देना है या नहीं। विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसके लिए टेनक्टेप्लेस इंजेक्शन का स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। इंजेक्शन देने के बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
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हार्ट अटैक के मरीजों के लिए समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी है। इसी को देखते हुए जिले की सभी सीएचसी पर जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर इंजेक्शन का स्टॉक रखा गया है। स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को गोल्डन आवर में तत्काल उपचार मिल सके।
- डॉ. दीपा सिंह , सीएमओ
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हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अब इलाज के लिए 40 से 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सीएचसी पर ही प्राथमिक जांच के बाद जरूरत पड़ने पर गोल्डन आवर में जीवनरक्षक इंजेक्शन लगाया जा सकेगा। अब तक ग्रामीण इलाकों में हार्ट अटैक पड़ने पर मरीज और तीमारदार जिला अस्पताल की ओर दौड़ लगाते थे। कई बार लंबी दूरी और रास्ते में लगने वाले समय के कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती थी। समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत तक हो जाती थी।
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सीएमओ डॉ. दीपा सिंह के प्रयास से अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे हार्ट अटैक के मरीजों को समय पर उपचार मिलने और उनकी जान बचाने की उम्मीद बढ़ी है। जिला अस्पताल में अब तक हार्ट अटैक के तीन मरीजों को टेनक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाकर बचाया जा चुका है।
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पांचों सीएचसी पर रखा गया स्टॉक
रामपुर। जनपद के स्वार, बिलासपुर, शाहबाद, मिलक और टांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जीवनरक्षक इंजेक्शन का स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक सीएचसी पर पांच इंजेक्शन सुरक्षित रखे गए हैं। इन्हें आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी इनके इस्तेमाल और हार्ट अटैक के मरीज को तत्काल उपचार देने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है। जरूरत पड़ने पर सीएचसी से ही मरीज को शुरुआती उपचार देकर आगे रेफर किया जा सकेगा।
मेरठ की टीम तय करेगी इंजेक्शन लगेगा या नहीं
हार्ट अटैक के मरीज को सीएचसी पर लाने के बाद चिकित्सक तत्काल जांच करेंगे। मरीज की ईसीजी रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर मेरठ की विशेषज्ञ टीम से परामर्श लिया जाएगा। मेरठ की टीम रिपोर्ट देखने के बाद तय करेगी कि मरीज को जीवनरक्षक इंजेक्शन देना है या नहीं। विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसके लिए टेनक्टेप्लेस इंजेक्शन का स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। इंजेक्शन देने के बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
हार्ट अटैक के मरीजों के लिए समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी है। इसी को देखते हुए जिले की सभी सीएचसी पर जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर इंजेक्शन का स्टॉक रखा गया है। स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को गोल्डन आवर में तत्काल उपचार मिल सके।
- डॉ. दीपा सिंह , सीएमओ