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बिजनौर की अमानगढ़ वन रेंज में छुड़वाया गया तेंदुआ
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मसवासी/स्वार। क्षेत्र के नन्हे का मझरा के जंगल में पिंजड़े में कैद हुआ नर तेंदुआ वन विभाग की टीम बिजनौर जनपद अंतर्गत अमानगढ़ वन क्षेत्र में छुड़वा दिया गया। तेदुआ पकड़े जाने के बाद हालांकि ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की है लेकिन शावको के साथ घूमते देखा गया तेंदुआ अभी भी भय का कारण बना हुआ है।
बीते एक माह से स्वार क्षेत्र के उत्तराखंड सीमा से सटे एक दर्जन गांवों में तेंदुआ घूमता हुआ देखा जा रहा है। कई जगह अकेला तो कुछ जगहों पर वह शावकों के साथ देखा गया। माना जाता है कि नर और मादा तेंदुए क्षेत्र में घूम रहे हैं। इसको लेकर नन्हे का मझरा, शिकारपुर, मानपुर उत्तरी, खानपुर उत्तरी, बिजारखाता, आर्सल-पार्सल, रतनपुरा के अलावा स्वार नगर के मोहल्ला नौगजा के जंगल में तेंदुए का खौफ बना रहा। वन विभाग ने कई जगह पिंजड़े लगाए लेकिन वह काबू में नहीं आ सके। दो दिन पहले नन्हें का मझरा गांव के निकट गन्ने के खेत में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया।
संयोग से अगले ही दिन यानि बुधवार की देकर शाम लगभग साढ़े नौ बजे पिंजड़े में तेंदुआ कैद हो गया। उसके पकड़े जाने के बाद आसपास के गांवों के लोगों का तांता लग गया। सूचना मिलने पर डीएफओ राजीव कुमार भी मौके पर पहुंच गए। तेंदुआ पीपली वन रेंज ले जाया गया। बृहस्पतिवार की सुबह रेंजर मुजाहिद हुसैन, वन दरोगा राजकुमार और शील कुमार तेंदुए को पिंजड़ा सहित बिजनौर के अमानगढ़ वन क्षेत्र में लेकर पहुंचे जहां पिंजड़े का गेट जैसे ही खुला तेंदुआ छलांग लगाते हुए जंगल में ओझल हो गया। तेंदुआ पकड़ में आने के बाद फिलहाल क्षेत्र की जनता ने कुछ राहत महसूस की है।
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बीते एक माह से स्वार क्षेत्र के उत्तराखंड सीमा से सटे एक दर्जन गांवों में तेंदुआ घूमता हुआ देखा जा रहा है। कई जगह अकेला तो कुछ जगहों पर वह शावकों के साथ देखा गया। माना जाता है कि नर और मादा तेंदुए क्षेत्र में घूम रहे हैं। इसको लेकर नन्हे का मझरा, शिकारपुर, मानपुर उत्तरी, खानपुर उत्तरी, बिजारखाता, आर्सल-पार्सल, रतनपुरा के अलावा स्वार नगर के मोहल्ला नौगजा के जंगल में तेंदुए का खौफ बना रहा। वन विभाग ने कई जगह पिंजड़े लगाए लेकिन वह काबू में नहीं आ सके। दो दिन पहले नन्हें का मझरा गांव के निकट गन्ने के खेत में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया।
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संयोग से अगले ही दिन यानि बुधवार की देकर शाम लगभग साढ़े नौ बजे पिंजड़े में तेंदुआ कैद हो गया। उसके पकड़े जाने के बाद आसपास के गांवों के लोगों का तांता लग गया। सूचना मिलने पर डीएफओ राजीव कुमार भी मौके पर पहुंच गए। तेंदुआ पीपली वन रेंज ले जाया गया। बृहस्पतिवार की सुबह रेंजर मुजाहिद हुसैन, वन दरोगा राजकुमार और शील कुमार तेंदुए को पिंजड़ा सहित बिजनौर के अमानगढ़ वन क्षेत्र में लेकर पहुंचे जहां पिंजड़े का गेट जैसे ही खुला तेंदुआ छलांग लगाते हुए जंगल में ओझल हो गया। तेंदुआ पकड़ में आने के बाद फिलहाल क्षेत्र की जनता ने कुछ राहत महसूस की है।
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