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बीमार होने वाले पशुओं को स्वस्थ पशुओं से रखा जाए अलग
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रामपुर। जिलाधिकारी ने विकासखंड शाहबाद के ग्राम किरा स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संरक्षण केंद्र में कुल पशुओं की संख्या, टीकाकरण, ईयर टैगिंग, पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था चारा व्यवस्था और बारिश के दौरान पशुओं की सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि किरा स्थित 300 से अधिक क्षमता वाले वृहद गो संरक्षण केंद्र में वर्तमान में 280 पशु हैं। सभी पशुओं की टैगिंग करा दी गई है और नियमित टीकाकरण से भी सभी पशुओं को आच्छादित करा दिया गया है।
सोमवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि बीमार होने वाले पशुओं को अन्य स्वास्थ्य पशुओं से अलग रखा जाए तथा उनके बेहतर इलाज के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार की मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए। उन्होंने खुर पका मुंह पका जैसी बीमारियों से सुरक्षा के बारे में पूछताछ के दौरान कहा कि स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर गौ संरक्षण केंद्र में नियमित रूप से विजिट करते रहें। पशुओं के लिए चारा के स्टाफ के बारे में भी उठा तथा स्टॉक रजिस्टर के अनुसार चारे की उपलब्धता की स्थिति भी जानी। पशुओं को चारा दिए जाने के बारे में पूछने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुओं को भूसे के साथ-साथ हरा चारा, चोकर, गुड और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य के दृष्टिगत नमक भी प्रदान किया जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सेड पर पशुओं को चारा देने का समय और मात्रा का अंकन कराएं, ताकि उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान इस बात का सत्यापन हो सके कि पशुओं को तय समय पर चारा मिल रहा है अथवा नहीं। बारिश के दौरान पशुओं को कोई समस्या ना हो इसलिए परिसर में ऐसी जगह जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है वहां खड़ंजा कार्य कराने के निर्देश दिए ताकि पशुओं को जलभराव के कारण होने वाली दुश्वारियों का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी द्वारा प्रकाश व्यवस्था के बारे में पूछने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सोलर संचालित सेट के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाती है। इस दौरान उपजिलाधिकारी शाहाबाद और खंड विकास अधिकारी शाहाबाद भी मौजूद रहे।
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सोमवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि बीमार होने वाले पशुओं को अन्य स्वास्थ्य पशुओं से अलग रखा जाए तथा उनके बेहतर इलाज के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार की मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए। उन्होंने खुर पका मुंह पका जैसी बीमारियों से सुरक्षा के बारे में पूछताछ के दौरान कहा कि स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर गौ संरक्षण केंद्र में नियमित रूप से विजिट करते रहें। पशुओं के लिए चारा के स्टाफ के बारे में भी उठा तथा स्टॉक रजिस्टर के अनुसार चारे की उपलब्धता की स्थिति भी जानी। पशुओं को चारा दिए जाने के बारे में पूछने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुओं को भूसे के साथ-साथ हरा चारा, चोकर, गुड और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य के दृष्टिगत नमक भी प्रदान किया जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सेड पर पशुओं को चारा देने का समय और मात्रा का अंकन कराएं, ताकि उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान इस बात का सत्यापन हो सके कि पशुओं को तय समय पर चारा मिल रहा है अथवा नहीं। बारिश के दौरान पशुओं को कोई समस्या ना हो इसलिए परिसर में ऐसी जगह जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है वहां खड़ंजा कार्य कराने के निर्देश दिए ताकि पशुओं को जलभराव के कारण होने वाली दुश्वारियों का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी द्वारा प्रकाश व्यवस्था के बारे में पूछने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सोलर संचालित सेट के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाती है। इस दौरान उपजिलाधिकारी शाहाबाद और खंड विकास अधिकारी शाहाबाद भी मौजूद रहे।
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