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खनन अधिकारी व दढ़ियाल चौकी इंचार्ज जांच के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sat, 17 Sep 2016 12:42 AM IST
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अवैध खनन को लेकर खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार और दढ़ियाल चौकी इंचार्ज राजेश कुमार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। आरोप है कि छापे की सूचना लीक की जा रही है और जो खनन पकड़ा जाता है उसे छोड़ दिया जाता है। इस तरह के आरोप लगाते हुई रिपोर्ट एसडीएम टांडा ने जिलाधिकारी को भेजी है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने भी इस मामले में कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी है।
रामपुर में अवैध खनन का काला धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। मगर, हाईकोर्ट और शासन की सख्ती के बाद भी रामपुर में अवैध खनन नहीं रुक पा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी सरकार ने अवैध खनन को लेकर सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की है। तभी से अवैध खनन को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। अवैध खनन रोकने की तमाम कोशिशें हुई हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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जिले में लगातार अवैध खनन का धंधा बदस्तूर चल रहा है। अवैध खनन रोकने की मुख्य जिम्मेदारी एसडीएम व पुलिस के साथ ही खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार की संयुक्त रूप से होती है ,लेकिन इन तीनों के बीच सामंजस्य न होने की वजह से भी अवैध खनन का धंधा नहीं रुक रहा है। छापे से पहले सूचना लीक हो जाती हैं।
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पिछले दिनों खनन अधिकारी ने टांडा क्षेत्र में कोसी नदी के आसपास छापेमारी की थी। यहां पर हालांकि कोई खनन नहीं पकड़ा गया था, लेकिन इस बीच एसडीएम टांडा ने भी औचक निरीक्षण कर लिया। एसडीएम टांडा को खनन अधिकारी शैलेंद्र और दढ़ियाल चौकी प्रभारी राजेश कुमार की भूमिका संदिग्ध लगी।
बताया जाता है कि जिस रास्ते से खनन अधिकारी गुजरे थे उसी रास्ते पर खनन की गाड़ियों के पहियों के निशान भी पाए गए थे। इसलिए समझा जा रहा है कि खनन अधिकारी व चौकी प्रभारी ने साठगांठ कर गाड़ियों को छोड़ दिया। फिलहाल, एसडीएम टांडा ने डीएम को एक रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने खनन अधिकारी व चौकी प्रभारी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए मामले की जांच कराने और कार्रवाई करने की संस्तुति की है। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट खनन विभाग व एसपी को भेज दी है। रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति की गई है।