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सूफी सुरों के साथ हुनर हाट में गूंजी सुरीली आवाजें
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रामपुर। हुनर हाट में शाम होते ही सूफी गायकों की सुरीली आवाज गूंजने लगी। सूफी सुरों के साथ जिला स्तरीय अफसर ने भी गायिका के साथ युगलबंदी की और शानदार फिल्मी गाने गाए। अंत में जादू का शो हुआ जिसमें कलाकार ने कई हैरतअंगेज करतब दिखाए।
शनिवार शाम को हुनर हाट में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य पेशकश थी सूफी गायक हमसर हयात निजामी की। उन्होंने अपने साथियों के साथ सूफी सुर बिखेरे। मनमोहक गायिकी देख पंडाल में मौजूद सभी लोग झूमने के लिए मजबूर हो गए। उन्होंने करीब एक घंटे तक एक से बढ़कर एक सूफी गाने पेश किए। इसके बाद कोरोना को हराकर लौटे अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने काफी समय बाद स्टेज संभाला और अपने सुरीले अंदाज से सभी को मोहित कर दिया। उन्होंने गायिका वंदना मिश्र के साथ युगलबंदी की। कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया, रेशमी सलवार कुर्ता जाली का, उड़े जब जब जुल्फें तेरी एवं कजरा मोहब्बत वाला आदि गाने पेश कर उन्होंने धूम मचा दी। युवाओं को अपने गीतों के साथ खूब झूमाया। उन्होंने अपने सिर पर रामपुरी टोपी लगाकर न सिर्फ यहां की कला को बढ़ावा दिया बल्कि बहुमुखी प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। इसके बाद जादूगर अशोक के शो हुए जिसमें उन्होंने कई हैरतअंगेज करतब दिखाए।
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शनिवार शाम को हुनर हाट में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य पेशकश थी सूफी गायक हमसर हयात निजामी की। उन्होंने अपने साथियों के साथ सूफी सुर बिखेरे। मनमोहक गायिकी देख पंडाल में मौजूद सभी लोग झूमने के लिए मजबूर हो गए। उन्होंने करीब एक घंटे तक एक से बढ़कर एक सूफी गाने पेश किए। इसके बाद कोरोना को हराकर लौटे अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने काफी समय बाद स्टेज संभाला और अपने सुरीले अंदाज से सभी को मोहित कर दिया। उन्होंने गायिका वंदना मिश्र के साथ युगलबंदी की। कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया, रेशमी सलवार कुर्ता जाली का, उड़े जब जब जुल्फें तेरी एवं कजरा मोहब्बत वाला आदि गाने पेश कर उन्होंने धूम मचा दी। युवाओं को अपने गीतों के साथ खूब झूमाया। उन्होंने अपने सिर पर रामपुरी टोपी लगाकर न सिर्फ यहां की कला को बढ़ावा दिया बल्कि बहुमुखी प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। इसके बाद जादूगर अशोक के शो हुए जिसमें उन्होंने कई हैरतअंगेज करतब दिखाए।
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