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Rampur News: कैदियों को ठंड से बचाने के लिए जेल में लगी हैलोजन बल्ब
Wed, 28 Jan 2026 02:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 28 Jan 2026 02:15 AM IST
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आजम खां और अब्दुल्ला आजम भी रामपुर जेल में हैं बंद, बैरकों में लगाई गईं पारदर्शी पन्नी
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। भारी ठंड को देखते हुए जेल प्रशासन ने आजम सहित अन्य कैदियों को ठंड से बचाने के लिए हैलोजन बल्ब लगा दिए हैं। नौ बैरकों में चार-चार हैलोजन बल्ब लगाए गए हैं। इसके साथ ही बैरकों के बाहर से खिड़कियों में पारदर्शी पन्नी भी लगाई गई है।
जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बार जनवरी में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। चार दिन धूप के बाद दोबारा बारिश शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जेल प्रशासन ने कैदियों को बचाने के लिए पहली बार बैरकों में हैलोजन लाइटें लगाई गई हैं। जेल में नौ बैरक हैं। इनमें चार-चार 750 वॉट के हैलोजन बल्ब लगाए गए हैं।
जेलर सुनील सिंह ने बताया कि जेल में हीटर लगाने का प्रावधान नहीं है। इसे देखते हुए प्रत्येक बैरक में हैलोजन बल्ब लगाए गए हैं। इससे बैरकों में काफी गरम हो रहा है और कैदी-बंदी का एक कंबल से काम चल जा रहा है।
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बैरकों में नाइट शौचालय की हालत सुधरी
बैरकों में बने नाइट शौचालय का सुधार 70 हजार रुपये से होना शुरू हो गया है। जेलर सुनील सिंह ने बताया कि रात के समय कैदी-बंदी नाइट शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। इनकी हालत खराब थी। इसके लिए बजट मांगा गया था। बजट मिल गया है। नाइट शौचालयों की टॉयलेट सीट बदली जा रही हैं। साथ ही यहां टाइल्स भी लगाई जा रही हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। भारी ठंड को देखते हुए जेल प्रशासन ने आजम सहित अन्य कैदियों को ठंड से बचाने के लिए हैलोजन बल्ब लगा दिए हैं। नौ बैरकों में चार-चार हैलोजन बल्ब लगाए गए हैं। इसके साथ ही बैरकों के बाहर से खिड़कियों में पारदर्शी पन्नी भी लगाई गई है।
जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बार जनवरी में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। चार दिन धूप के बाद दोबारा बारिश शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जेल प्रशासन ने कैदियों को बचाने के लिए पहली बार बैरकों में हैलोजन लाइटें लगाई गई हैं। जेल में नौ बैरक हैं। इनमें चार-चार 750 वॉट के हैलोजन बल्ब लगाए गए हैं।
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जेलर सुनील सिंह ने बताया कि जेल में हीटर लगाने का प्रावधान नहीं है। इसे देखते हुए प्रत्येक बैरक में हैलोजन बल्ब लगाए गए हैं। इससे बैरकों में काफी गरम हो रहा है और कैदी-बंदी का एक कंबल से काम चल जा रहा है।
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बैरकों में नाइट शौचालय की हालत सुधरी
बैरकों में बने नाइट शौचालय का सुधार 70 हजार रुपये से होना शुरू हो गया है। जेलर सुनील सिंह ने बताया कि रात के समय कैदी-बंदी नाइट शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। इनकी हालत खराब थी। इसके लिए बजट मांगा गया था। बजट मिल गया है। नाइट शौचालयों की टॉयलेट सीट बदली जा रही हैं। साथ ही यहां टाइल्स भी लगाई जा रही हैं।