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जिला कृषि अधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट और रिश्वत लेने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज
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रामपुर। खाद की दुकान के लाइसेंस के नवीनीकरण के नाम पर रिश्वत लेने, मारपीट करने और जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप में कृषि विभाग के एक अधिकारी व विकास भवन के दो कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पुरैनिया जदीद निवासी तिलक सिंह ने अदालत में अधिवक्ता भुवनेश कुमार के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि उसकी रठौंडा चौराहे पर खाद की दुकान थी, जिसके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी। वह छह माह पहले विकास भवन में जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल से मिला। विकास भवन के दो अन्य स्टाफ शिव कुमार और इंद्रपाल मलिक भी मौजूद थे। उसने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कहा। पहले आरोपियों ने मना कर दिया। आरोप है कि बाद में 11 हजार रुपये देने पर लाइसेंस नवीनीकरण करने की बात कही। उसने 11 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद न तो उसका लाइसेंस नवीनीकरण हुआ और न ही रुपये लौटाए गए। रुपये मांगने पर उसके साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया गया। उसने घटना की शिकायत मिलक पुलिस से की। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मजबूरन अदालत में प्रार्थना पत्र देना पड़ा। एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने सुनवाई के बाद कृषि अधिकारी समेत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिए थे। जिसके बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल, इंद्रपाल मलिक और शिवकुमार के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर आईपीसी की धारा 452, 323, 504, 506 व 3(2)5 एससी एसटी एक्ट और 7 / 13 भष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली हैं। सिविल लाइंस थाना प्रभारी लव सिरोही ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली हैं। मामले की जांच शुरु कर दी है।
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मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पुरैनिया जदीद निवासी तिलक सिंह ने अदालत में अधिवक्ता भुवनेश कुमार के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि उसकी रठौंडा चौराहे पर खाद की दुकान थी, जिसके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी। वह छह माह पहले विकास भवन में जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल से मिला। विकास भवन के दो अन्य स्टाफ शिव कुमार और इंद्रपाल मलिक भी मौजूद थे। उसने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कहा। पहले आरोपियों ने मना कर दिया। आरोप है कि बाद में 11 हजार रुपये देने पर लाइसेंस नवीनीकरण करने की बात कही। उसने 11 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद न तो उसका लाइसेंस नवीनीकरण हुआ और न ही रुपये लौटाए गए। रुपये मांगने पर उसके साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया गया। उसने घटना की शिकायत मिलक पुलिस से की। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मजबूरन अदालत में प्रार्थना पत्र देना पड़ा। एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने सुनवाई के बाद कृषि अधिकारी समेत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिए थे। जिसके बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल, इंद्रपाल मलिक और शिवकुमार के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर आईपीसी की धारा 452, 323, 504, 506 व 3(2)5 एससी एसटी एक्ट और 7 / 13 भष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली हैं। सिविल लाइंस थाना प्रभारी लव सिरोही ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली हैं। मामले की जांच शुरु कर दी है।
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