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Rampur News: आचार संहिता उल्लंघन के चार मामलों पूर्व विधायक यूसुफ अली को मिली सजा
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रामपुर। आचार संहिता उल्लंघन के चार मामलों में कोर्ट ने पूर्व विधायक यूसुफ अली को छह-छह माह की कैद और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपील दाखिल करने तक यूसुफ अली की जमानत की अर्जी को स्वीकार कर ली है।
2012 के विधानसा चुनाव के दौरान यूसुफ अली ने बसपा से चमरौआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में यूसुफ ने जीत हासिल की थी। चुनाव के दौरान उनके खिलाफ मिलकखानम थाने में आचार संहिता उल्लंघन के चार मामले दर्ज हुए थे। स्थायी निगरानी टीम की ओर से उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उन्होंने बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए थे। पुलिस ने इस मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-ए के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
इन मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल निशांत मान की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों को पेश किया साथ ही इस मुकदमे में आरोपी को सजा देने की मांग रखी,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोप पूरी तरह गलत है। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने पूर्व विधायक यूसुफ अली को दोषी करार देते हुए आचार संहिता उल्लंघन के चार मामलों में छह-छह माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सजा के बाद अली यूसुफ अली के अधिवक्ता की ओर से अपील दायर होने तक जमानत मांगी,जिसे कोर्ट ने अपील दायर होने तक जमानत मंजूर कर ली।
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2012 के विधानसा चुनाव के दौरान यूसुफ अली ने बसपा से चमरौआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में यूसुफ ने जीत हासिल की थी। चुनाव के दौरान उनके खिलाफ मिलकखानम थाने में आचार संहिता उल्लंघन के चार मामले दर्ज हुए थे। स्थायी निगरानी टीम की ओर से उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उन्होंने बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए थे। पुलिस ने इस मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-ए के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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इन मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल निशांत मान की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों को पेश किया साथ ही इस मुकदमे में आरोपी को सजा देने की मांग रखी,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोप पूरी तरह गलत है। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने पूर्व विधायक यूसुफ अली को दोषी करार देते हुए आचार संहिता उल्लंघन के चार मामलों में छह-छह माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सजा के बाद अली यूसुफ अली के अधिवक्ता की ओर से अपील दायर होने तक जमानत मांगी,जिसे कोर्ट ने अपील दायर होने तक जमानत मंजूर कर ली।
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