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जिले के 10769 किसानों ने जमा नहीं किया बिजली बिल, 49 करोड़ बकाया
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जिले के 10769 किसानों ने जमा नहीं किया बिजली बिल, 49 करोड़ बकाया
स्वार-टांडा के किसानों पर 12.67 करोड़ तो बिलासपुर के किसानों पर 20. 91 करोड़ बकाया
रामपुर। चुनावी घोषणाओं पर यकीन करने के बाद तमाम किसानों ने ट्यूबवेल का बिजली बिल जमा करना बंद कर दिया था। सरकार गठन के डेढ़ माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी किसान बिल चुकता नहीं कर रहे हैं। रामपुर जिले में ऐसे किसानों की संख्या करीब 10769 है। इन पर 48.77 करोड़ का बिल बकाया है। विभाग बार बार नोटिस भेज रहा है। कई जगह कनेक्शन भी काट दिए गए, लेकिन फिर भी बकाया बिल नहीं मिल पा रहा है।
चुनावी दौर में हर पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को बिजली में बड़ी रियायत देने का एलान किया था। किसी ने बिल माफी की बात की तो किसी ने बिल आधा करने की बात कही थी। इन्हीं घोषणाओं पर विश्वास करते हुए किसानों ने बिजली का बिल रोक दिया था। अब सरकार गठन को डेढ़ माह का समय हो गया है, लेकिन किसानों को अभी भी यकीन है कि बिजली बिल को लेकर कुछ न कुछ जरूर होगा। वहीं विभाग का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। काश्तकारों को बकाया बिल तो देना ही पड़ेगा।
किस डिवीजन में कितने किसानों पर बकाया है बिल भुगतान
डिवीजन--------------------कुल बकाया-------------------कुल किसान
प्रथम डिवीजन रामपुर-------27.12 लाख रुपये--------------------41
द्वितीय डिवीजन स्वार टांडा----12.67 करोड़ रुपए-----------------2500
तृतीय डिवीजन मिलक शाहाबाद-14.93 करोड़ रुपए--------------- 3104
चतुर्थ डिवीजन बिलासपुर------ 20.91 करोड़ रुपये--------------- 5124
-------------------
-किसानों व अन्य किसी भी उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने के कोई आदेश नहीं हैं। सभी बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कनेक्शन काटे जाएंगे और बिल न जमा करने पर सभी के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगी। अब तक करीब 980 किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। काटे गए कनेक्शनों को जोड़कर अगर किसी ने बिजली का प्रयोग किया तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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राजीव गर्ग,अधीक्षण अभियंता रामपुर।
- सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसानों का वोट हासिल करने के लिए बिजली बिल माफी की झूठी घोषणा की थी। लेकिन, अभी तक बिजली के बिलों की माफी की घोषणा नहीं की गई है।
प्रेमपाल सिंह चौहान
--------
- किसानों की आय दोगुनी होने की जगह घटती जा रही है। लागत लगातार बढ़ रही है। सरकार को बिजली बिल माफ करना चाहिए। बिजली के बिल माफ होने से किसानों को खासी राहत मिलेगी।
-राजपाल सिंह
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स्वार-टांडा के किसानों पर 12.67 करोड़ तो बिलासपुर के किसानों पर 20. 91 करोड़ बकाया
रामपुर। चुनावी घोषणाओं पर यकीन करने के बाद तमाम किसानों ने ट्यूबवेल का बिजली बिल जमा करना बंद कर दिया था। सरकार गठन के डेढ़ माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी किसान बिल चुकता नहीं कर रहे हैं। रामपुर जिले में ऐसे किसानों की संख्या करीब 10769 है। इन पर 48.77 करोड़ का बिल बकाया है। विभाग बार बार नोटिस भेज रहा है। कई जगह कनेक्शन भी काट दिए गए, लेकिन फिर भी बकाया बिल नहीं मिल पा रहा है।
चुनावी दौर में हर पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को बिजली में बड़ी रियायत देने का एलान किया था। किसी ने बिल माफी की बात की तो किसी ने बिल आधा करने की बात कही थी। इन्हीं घोषणाओं पर विश्वास करते हुए किसानों ने बिजली का बिल रोक दिया था। अब सरकार गठन को डेढ़ माह का समय हो गया है, लेकिन किसानों को अभी भी यकीन है कि बिजली बिल को लेकर कुछ न कुछ जरूर होगा। वहीं विभाग का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। काश्तकारों को बकाया बिल तो देना ही पड़ेगा।
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किस डिवीजन में कितने किसानों पर बकाया है बिल भुगतान
डिवीजन--------------------कुल बकाया-------------------कुल किसान
प्रथम डिवीजन रामपुर-------27.12 लाख रुपये--------------------41
द्वितीय डिवीजन स्वार टांडा----12.67 करोड़ रुपए-----------------2500
तृतीय डिवीजन मिलक शाहाबाद-14.93 करोड़ रुपए--------------- 3104
चतुर्थ डिवीजन बिलासपुर------ 20.91 करोड़ रुपये--------------- 5124
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-किसानों व अन्य किसी भी उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने के कोई आदेश नहीं हैं। सभी बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कनेक्शन काटे जाएंगे और बिल न जमा करने पर सभी के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगी। अब तक करीब 980 किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। काटे गए कनेक्शनों को जोड़कर अगर किसी ने बिजली का प्रयोग किया तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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राजीव गर्ग,अधीक्षण अभियंता रामपुर।
- सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसानों का वोट हासिल करने के लिए बिजली बिल माफी की झूठी घोषणा की थी। लेकिन, अभी तक बिजली के बिलों की माफी की घोषणा नहीं की गई है।
प्रेमपाल सिंह चौहान
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- किसानों की आय दोगुनी होने की जगह घटती जा रही है। लागत लगातार बढ़ रही है। सरकार को बिजली बिल माफ करना चाहिए। बिजली के बिल माफ होने से किसानों को खासी राहत मिलेगी।
-राजपाल सिंह