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वेदपुर में स्वच्छता की बहार, पेयजल समस्या अभ्ाी बरकरार
ब्यूरो अमर उजाला / रामपुर
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:48 AM IST
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बिलासपुर के वेदपुर गांव में बने शौचालय ।
- फोटो : अमर उजाला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकास खंड के गांव वेदपुर के लोगों को भी खुले में शौच जाने से आखिरकार मुक्ति मिल ही गई है। लेकिन पूरा गांव पेयजल की समस्या से जूझता है। गांव वालों का कहना है कि भाखड़ा नदी पर चैक डैम बन जाए तो इस समस्या का समाधान भी हो जाएगा। गांव के कच्चे रास्ते सीसी रोडों व खड़ंजों में बदलने, तालाब के सौंदर्यीकरण से गांव में स्वच्छता तो बढ़ी है। ग्रामीणों की मांग है कि नदी पर चैकडैम बनाया जाए ताकि सिंचाई के साथ ही पेयजल के लिए भी आसानी हो सके।
जिला मुख्यालय से करीब 48 किलोमीटर दूर वेदपुर गांव खजुरिया थाना क्षेत्र में आता है,जिसका एक मजरा अहरोला भी है। गांव में सभी जाति बिरादरी के लोग रहते हैं। गांव की आबादी करीब 1800 व ढाई सौ घर हैं। वर्ष 2016-17 में वेदपुर गांव को ओडीएफ में शामिल किया गया था। इसके बाद ग्राम प्रधान अंग्रेज सिंह ने ग्राम विकास अधिकारी वसीम अकरम के सहयोग से 72 शौचालय बनबाकर पूरे गांव को स्वच्छता के ऐसे मुहाने पर लाकर खड़ा किया कि आज गांव का कोई भी व्यक्ति खुले में नदी किनारे शौच करने को नहीं जाता है। सभी लोग शौच के लिए अपने घरों में बने शौचालयों का ही प्रयोग करते हैं। आज भी गांव में स्वच्छता को लेकर तमाम कार्य जारी है।
गांव में प्रधान ने इंदिरा आवास, एक आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण कराया व गांव के प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र, तालाब का सुंदरीकरण कराकर गांव की तमाम गलियों को सीसी रोड व खड़ंजे के साथ ही पक्का कराया गया है। सड़कों पर कूड़ा डालने वाले लोग अब कूड़े को अपने घरों में एकत्र कर लेते हैं और जब सफाई कर्मी आता है तो उसके वाहन में डालते हैं या गांव के बाहर घूरे पर डालने जाते हैं। गांव में पेयजल समस्या के समाधान की जरूरत है।
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जिला मुख्यालय से करीब 48 किलोमीटर दूर वेदपुर गांव खजुरिया थाना क्षेत्र में आता है,जिसका एक मजरा अहरोला भी है। गांव में सभी जाति बिरादरी के लोग रहते हैं। गांव की आबादी करीब 1800 व ढाई सौ घर हैं। वर्ष 2016-17 में वेदपुर गांव को ओडीएफ में शामिल किया गया था। इसके बाद ग्राम प्रधान अंग्रेज सिंह ने ग्राम विकास अधिकारी वसीम अकरम के सहयोग से 72 शौचालय बनबाकर पूरे गांव को स्वच्छता के ऐसे मुहाने पर लाकर खड़ा किया कि आज गांव का कोई भी व्यक्ति खुले में नदी किनारे शौच करने को नहीं जाता है। सभी लोग शौच के लिए अपने घरों में बने शौचालयों का ही प्रयोग करते हैं। आज भी गांव में स्वच्छता को लेकर तमाम कार्य जारी है।
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गांव में प्रधान ने इंदिरा आवास, एक आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण कराया व गांव के प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र, तालाब का सुंदरीकरण कराकर गांव की तमाम गलियों को सीसी रोड व खड़ंजे के साथ ही पक्का कराया गया है। सड़कों पर कूड़ा डालने वाले लोग अब कूड़े को अपने घरों में एकत्र कर लेते हैं और जब सफाई कर्मी आता है तो उसके वाहन में डालते हैं या गांव के बाहर घूरे पर डालने जाते हैं। गांव में पेयजल समस्या के समाधान की जरूरत है।
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