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रामपुर शहर के बिजली बिलों में गड़बड़ी
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रामपुर। शहर के बिजली बिलों उपभोक्ता बड़ी गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि न सिर्फ बिजली बिल गलत तरीके से बनाए जा रहे हैं, बल्कि उल्टे सीधे सरचार्ज भी लगाए जा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता एक मुश्त समाधान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पिछले माह उपभोक्ता का जो बिजली बिल आया था, इस माह उसमें 30 हजार रुपये का इजाफा कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि बिजली बिल देरी से जमा करने के सरचार्ज के तौर पर है। जबकि उपभोक्ता इसे विभाग की मनमानी करार दे रहे हैं और बिजली दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हैं।
बिजली विभाग की ओर से बकाएदारों को राहत देते हुए एक मुश्त समाधान योजना लागू की गई है, जिसमें उपभोक्ता का सरचार्ज शत-प्रतिशत माफ किया जा रहा है। रामपुर की बात की जाए तो सिर्फ शहरी क्षेत्र में बकायेदारों की लंबी लिस्ट है, जिनकी अक्सर लाइनें काट दी जाती हैं। ऐसा ही एक मामला शाहबाद गेट बिजलीघर क्षेत्र का सामने आया है, जहां जनवरी माह में उपभोक्ता का बिल करीब 1.64 लाख रुपये का आया था। उपभोक्ता जमा करने के लिए गया, तो उसे कर्मचारियों ने टाल दिया। मार्च माह में विभाग की ओर से एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी गई, इसके बाद उपभोक्ता को बिजली बिल के सरचार्ज में करीब 30 हजार रुपये की छूट मिलनी थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इसमें भी खेल कर दिया। उपखंड अधिकारी तृतीय विनय कुमार ने बिल संशोधित करते हुए 1.90 लाख रुपये से अधिक का कर दिया। एक घरेलू उपभोक्ता का एक माह में 30 हजार रुपये का बिल आना क्या संभव है? इसमें जो अतिरिक्त बिल बढ़ाया गया है, वह पुराने बिल को देरी से जमा करने पर सरचार्ज के तौर बढ़ाया गया है।
दूसरे केस के तौर पर नवाब गेट बिजलीघर क्षेत्र निवासी मोहल्ला चाह शोर निवासी कुलदीप का है। कुलदीप ठेला लगाते हैं और कई माह से विभाग के अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। दिसंबर 2020 में कर्मचारियों ने यह कहते हुए चार हजार रुपये जमा कराए कि बिल ठीक हो गया है। इसके बाद जनवरी में कोई बिल नहीं आया और फरवरी में 62,709 रुपये का बिल भेज दिया।
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तीसरे नंबर पर शाहबाद गेट बिजलीघर क्षेत्र के काूशीराम कॉलोनी निवासी सुचेन्द्र हैं। इनका एक लाख रुपये का बिल बना दिया गया। अब वह चक्कर लगा रहा है। हालांकि उनका कहना है कि मीटर में इतनी रीडिंग नहीं है।
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बिजली विभाग की ओर से बकाएदारों को राहत देते हुए एक मुश्त समाधान योजना लागू की गई है, जिसमें उपभोक्ता का सरचार्ज शत-प्रतिशत माफ किया जा रहा है। रामपुर की बात की जाए तो सिर्फ शहरी क्षेत्र में बकायेदारों की लंबी लिस्ट है, जिनकी अक्सर लाइनें काट दी जाती हैं। ऐसा ही एक मामला शाहबाद गेट बिजलीघर क्षेत्र का सामने आया है, जहां जनवरी माह में उपभोक्ता का बिल करीब 1.64 लाख रुपये का आया था। उपभोक्ता जमा करने के लिए गया, तो उसे कर्मचारियों ने टाल दिया। मार्च माह में विभाग की ओर से एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी गई, इसके बाद उपभोक्ता को बिजली बिल के सरचार्ज में करीब 30 हजार रुपये की छूट मिलनी थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इसमें भी खेल कर दिया। उपखंड अधिकारी तृतीय विनय कुमार ने बिल संशोधित करते हुए 1.90 लाख रुपये से अधिक का कर दिया। एक घरेलू उपभोक्ता का एक माह में 30 हजार रुपये का बिल आना क्या संभव है? इसमें जो अतिरिक्त बिल बढ़ाया गया है, वह पुराने बिल को देरी से जमा करने पर सरचार्ज के तौर बढ़ाया गया है।
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दूसरे केस के तौर पर नवाब गेट बिजलीघर क्षेत्र निवासी मोहल्ला चाह शोर निवासी कुलदीप का है। कुलदीप ठेला लगाते हैं और कई माह से विभाग के अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। दिसंबर 2020 में कर्मचारियों ने यह कहते हुए चार हजार रुपये जमा कराए कि बिल ठीक हो गया है। इसके बाद जनवरी में कोई बिल नहीं आया और फरवरी में 62,709 रुपये का बिल भेज दिया।
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तीसरे नंबर पर शाहबाद गेट बिजलीघर क्षेत्र के काूशीराम कॉलोनी निवासी सुचेन्द्र हैं। इनका एक लाख रुपये का बिल बना दिया गया। अब वह चक्कर लगा रहा है। हालांकि उनका कहना है कि मीटर में इतनी रीडिंग नहीं है।