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रुंधे गले के साथ लोगों ने समेटा सामान
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Thu, 04 Feb 2016 11:25 PM IST
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डूगंरपुर वासियों के आंखों के सामने ही उनके आशियाने पर जेसीबी चलती रही। बेबस आंखें बस अपनी बर्बादी का मंजर देखती रहीं। कानूनी पेचीदगी और पुलिस फोर्स की सख्ती ने विरोध की हिम्मत भी नहीं जुटने दी। जिस आशियाने को खून-पसीने की कमाई से रुपया-रुपया जोड़कर खड़ा किया था वो चंद मिनटों में ही ढेर हो गया।
अपनी बर्बादी का मंजर देख कई की आंखें पथरा गईं तो कोई बीमार पड़ा गया। हर किसी की जुबां और जेहन में एक ही सवाल था कि जाएं तो जाएं कहां? कई दिनों की उठा-पटक के बाद गुरुवार को डूंगरपुर के निकट बन रही आसरा कालोनी की जद में आ रहे मकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
इनमें से कई लोगों ने अपनी जमीन बेचकर यहां मकान बनाया था तो किसी ने जिंदगी भर की कमाई एक अदद आशियाने में लगा दी थी। कुछ लोग तो जमा-पूंजी से प्लॉट ही ले सके और उस पर इमारत भी तामीर नहीं करा सके। सुरक्षित कल की आस में बनाए गए आशियाने मिनटों में मलबे के ढेर में बदल गए।
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डूंगरपुर के निकट बन रही आसरा कालोनी में की जद में कुछ ऐसे मकान और प्लॉट भी आए हैं। जिनको कुछ लोग खरीदने का दावा कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि ये प्लॉट उन्होंने खरीदे हैं और रजिस्ट्री भी कराई है। वहीं, आसरा कालोनी का निर्माण कर रही सीएंडडीएस का कहना है कि ये जमीन पालिका की ट्रंचिंग ग्राउंड है।
इसी को लेकर कई दिनों से हंगामा और विरोध हो रहा था। गुरुवार को पुलिस फोर्स की मौजूदगी में मकान ध्वस्त कर दिए गए। लोगों की आंखों के सामने ही उनके मकानों और प्लॉटों पर जेसीबी चलती रही और वह सिर्फ आंसू भरी आंखों से उसे तकते रहे।
बुधवार को हुए बवाल के बाद जब निर्माण कार्य को लेकर सख्ती बरती गई तो लोगों को घरों से सामान भी निकालने का मौका नहीं मिला और घर तोड़ दिए गए। जेसीबी ने एक के बाद एक करीब दस मकानों को ध्वस्त किया। दो मकानों में ताले पड़े हुए थे इसके बावजूद उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
लोगों का कहना था कि इस जमीन को खरीदने में उनकी जीवन भर की कमाई भी गई और मकान ध्वस्त करने से पहले उन्हें सामान भी सुरक्षित निकालने का मौका नहीं दिया गया।
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अपनी बर्बादी का मंजर देख कई की आंखें पथरा गईं तो कोई बीमार पड़ा गया। हर किसी की जुबां और जेहन में एक ही सवाल था कि जाएं तो जाएं कहां? कई दिनों की उठा-पटक के बाद गुरुवार को डूंगरपुर के निकट बन रही आसरा कालोनी की जद में आ रहे मकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
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इनमें से कई लोगों ने अपनी जमीन बेचकर यहां मकान बनाया था तो किसी ने जिंदगी भर की कमाई एक अदद आशियाने में लगा दी थी। कुछ लोग तो जमा-पूंजी से प्लॉट ही ले सके और उस पर इमारत भी तामीर नहीं करा सके। सुरक्षित कल की आस में बनाए गए आशियाने मिनटों में मलबे के ढेर में बदल गए।
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डूंगरपुर के निकट बन रही आसरा कालोनी में की जद में कुछ ऐसे मकान और प्लॉट भी आए हैं। जिनको कुछ लोग खरीदने का दावा कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि ये प्लॉट उन्होंने खरीदे हैं और रजिस्ट्री भी कराई है। वहीं, आसरा कालोनी का निर्माण कर रही सीएंडडीएस का कहना है कि ये जमीन पालिका की ट्रंचिंग ग्राउंड है।
इसी को लेकर कई दिनों से हंगामा और विरोध हो रहा था। गुरुवार को पुलिस फोर्स की मौजूदगी में मकान ध्वस्त कर दिए गए। लोगों की आंखों के सामने ही उनके मकानों और प्लॉटों पर जेसीबी चलती रही और वह सिर्फ आंसू भरी आंखों से उसे तकते रहे।
बुधवार को हुए बवाल के बाद जब निर्माण कार्य को लेकर सख्ती बरती गई तो लोगों को घरों से सामान भी निकालने का मौका नहीं मिला और घर तोड़ दिए गए। जेसीबी ने एक के बाद एक करीब दस मकानों को ध्वस्त किया। दो मकानों में ताले पड़े हुए थे इसके बावजूद उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
लोगों का कहना था कि इस जमीन को खरीदने में उनकी जीवन भर की कमाई भी गई और मकान ध्वस्त करने से पहले उन्हें सामान भी सुरक्षित निकालने का मौका नहीं दिया गया।