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खरना के साथ निर्जल उपवास रखा
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Tue, 17 Nov 2015 12:21 AM IST
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छठ पर्व की जिले भर में धूम मचनी शुरू हो गई है। खरना के साथ ही सोमवार से निर्जल उपवास किया गया। मंगलवार को महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगीं। साथ ही सुख और शांति की कामना करेंगी। सूर्यदेव की उपासना का त्योहार छठ पर्व की धूम जिले भर में मचनी शुरू हो गई है। चार दिन के इस त्योहार का सोमवार को दूसरा दिन था।
दूसरे दिन खरना का आयोजन किया गया। दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को व्रतधारी दिनभर का उपवास रखने के बाद शाम को भोजन करते हैं। इसे ‘खरना’ कहा जाता है। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है।
मंगलवार की शाम को छठ पर्व को लेकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों और अन्य स्थानों पर घाटों को सजाया गया है। ज्वाला नगर स्थित कृष्णा मंदिर, रजा टेक्सटाइल्स, राम मनोहर लोहिया पार्क में घाटों को सजाया गया है।
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दूसरे दिन खरना का आयोजन किया गया। दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को व्रतधारी दिनभर का उपवास रखने के बाद शाम को भोजन करते हैं। इसे ‘खरना’ कहा जाता है। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है।
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मंगलवार की शाम को छठ पर्व को लेकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों और अन्य स्थानों पर घाटों को सजाया गया है। ज्वाला नगर स्थित कृष्णा मंदिर, रजा टेक्सटाइल्स, राम मनोहर लोहिया पार्क में घाटों को सजाया गया है।
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