{"_id":"6adfbd5a3a432117e502c4a5","slug":"dispute-over-outstanding-payment-of-rs-1922-lakh-for-metal-scrap-exports-report-filed-rampur-news-c-282-1-rmp1004-183436-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: मेटल स्क्रैप निर्यात के बकाया 19.22 लाख रुपये को लेकर विवाद, रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: मेटल स्क्रैप निर्यात के बकाया 19.22 लाख रुपये को लेकर विवाद, रिपोर्ट दर्ज
Tue, 27 Oct 2026 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 27 Oct 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
रामपुर। कनाडा को मेटल स्क्रैप निर्यात करने के सौदे में करीब 20 हजार अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के मुताबिक लगभग 19.22 लाख रुपये की बकाया रकम को लेकर विवाद सामने आया है।
सिविल लाइंस क्षेत्र के एक मेंथा कारोबारी ने दिल्ली की कंपनी इंडियन फैक्टिरियन एंड फाइनेंस सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड, टॉलस्टाय रोड और उसके दो कर्मचारियों पर कारोबारी दस्तावेजों में हेराफेरी, बकाया भुगतान रोकने और धमकी देने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस निवासी अमृत कपूर मेंथा के साथ ही मेटल स्क्रैप के निर्माण और निर्यात का कारोबार करते हैं। शिकायत के मुताबिक, पांच अक्तूबर 2025 को कनाडा की कंपनी लक्स डे इंडस्ट्रीज के साथ व्यापार के सिलसिले में संपर्क हुआ था। इसके बाद दिल्ली स्थित एक कंपनी के माध्यम से 13,500 किलोग्राम मेटल स्क्रैप का सौदा तय किया गया। इसकी कीमत 2,01,825 अमेरिकी डॉलर बताई गई है।
विज्ञापन
कारोबारी का आरोप है कि माल के निर्यात से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी की गई। बिल ऑफ लैडिंग और शिपिंग से संबंधित जरूरी दस्तावेज कनाडा की कंपनी को नहीं भेजे गए, जिससे भुगतान को लेकर विवाद पैदा हो गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सौदे की कुल रकम का 90 प्रतिशत यानी 1,81,642.50 अमेरिकी डॉलर भुगतान किया गया, लेकिन शेष 10 प्रतिशत यानी 20,182.50 अमेरिकी डॉलर (करीब 19.22 लाख रुपये) की रकम ब्याज समेत देने से इन्कार कर दिया गया। कारोबारी ने माल की सुरक्षा के लिए बीमा कराने का भी दावा किया है।
आरोप है कि पांच मई 2026 को कंपनी के कर्मचारी पुनीत सिंह भटनागर और अनिल कुमार कारोबारी के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने कारोबारी और उनके कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। बकाया रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। कारोबारी का कहना है कि दस्तावेजों में कथित हेराफेरी से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर शिकायत के आधार पर संबंधित कंपनी और दोनों कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
सिविल लाइंस क्षेत्र के एक मेंथा कारोबारी ने दिल्ली की कंपनी इंडियन फैक्टिरियन एंड फाइनेंस सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड, टॉलस्टाय रोड और उसके दो कर्मचारियों पर कारोबारी दस्तावेजों में हेराफेरी, बकाया भुगतान रोकने और धमकी देने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
सिविल लाइंस निवासी अमृत कपूर मेंथा के साथ ही मेटल स्क्रैप के निर्माण और निर्यात का कारोबार करते हैं। शिकायत के मुताबिक, पांच अक्तूबर 2025 को कनाडा की कंपनी लक्स डे इंडस्ट्रीज के साथ व्यापार के सिलसिले में संपर्क हुआ था। इसके बाद दिल्ली स्थित एक कंपनी के माध्यम से 13,500 किलोग्राम मेटल स्क्रैप का सौदा तय किया गया। इसकी कीमत 2,01,825 अमेरिकी डॉलर बताई गई है।
विज्ञापन
कारोबारी का आरोप है कि माल के निर्यात से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी की गई। बिल ऑफ लैडिंग और शिपिंग से संबंधित जरूरी दस्तावेज कनाडा की कंपनी को नहीं भेजे गए, जिससे भुगतान को लेकर विवाद पैदा हो गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सौदे की कुल रकम का 90 प्रतिशत यानी 1,81,642.50 अमेरिकी डॉलर भुगतान किया गया, लेकिन शेष 10 प्रतिशत यानी 20,182.50 अमेरिकी डॉलर (करीब 19.22 लाख रुपये) की रकम ब्याज समेत देने से इन्कार कर दिया गया। कारोबारी ने माल की सुरक्षा के लिए बीमा कराने का भी दावा किया है।
आरोप है कि पांच मई 2026 को कंपनी के कर्मचारी पुनीत सिंह भटनागर और अनिल कुमार कारोबारी के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने कारोबारी और उनके कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। बकाया रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। कारोबारी का कहना है कि दस्तावेजों में कथित हेराफेरी से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर शिकायत के आधार पर संबंधित कंपनी और दोनों कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।