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डिस्टलरी के डायरेक्टर ने भेजी प्रशासन को रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 19 Sep 2015 11:55 PM IST
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रामपुर रेडिको खेतान डिस्टलरी में चार मजदूरों की मौत के मामले में डिस्टलरी ने लापरवाही से पल्ला झाड़ लिया है। फैक्ट्री ने ठेकेदार पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ते हुए भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। ये जवाब डिस्टलरी के डायरेक्टर ने प्रशासन को भेजा है।
रामपुर डिस्टलरी में दो सितंबर को बायोगैस डाइजेस्टर टैंक में सफाई के दौरान चार मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि तीन गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना में फैक्ट्री प्रबंधतंत्र की लापरवाही खुलकर सामने आई थी। डीएम ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे।
मजिस्ट्रेटी जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई थी। नगर विकास मंत्री आजम खां ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था और सुरक्षा प्रबंधकों को लेकर सवाल उठाए थे। मजिस्ट्रेटी जांच के तहत सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में डिस्टलरी के उपमहाप्रबंधक समेत तीन अफसरों को नोटिस जारी करते हुए हादसे के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
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पखवाड़े भर बाद डिस्टलरी ने अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी है। डिस्टलरी के डायरेक्टर (आपरेशन) की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई है वो वाकई चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में फैक्ट्री प्रबंधन ने हादसे में अपनी ओर से किसी भी तरह की लापरवाही होने से साफ इंकार किया है।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में साफ किया गया है कि फैक्ट्री में काफी काम ठेके पर कराए जाते हैं। इसमें बायोगैस डाइजेस्टर टैंक की सफाई का काम भी अहम है। इसका ठेका दिया गया था। सफाई में लगाए जाने वाले मजदूर भी ठेकेदार के ही होते हैं। फैक्ट्री के अपने सुरक्षा मानक पूरे होते हैं।
हादसे की वजह फैक्ट्री की ओर से अभी तक साफ नहीं की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही फैक्ट्री को घटना की जानकारी मिली तो मजदूरों को उपचार के लिए भेजा गया। हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को दस-दस लाख का मुआवजा भी दिया जा चुका है। बीमा राशि भी मदद के तौर पर दिए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि फैक्ट्री को ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। हो सकता है ठेकेदार से कोई चूक हुई हो। सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल ने बताया कि रिपोर्ट मिल गई है इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद डिस्टलरी के अधिकारियों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाएगा।
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रामपुर डिस्टलरी में दो सितंबर को बायोगैस डाइजेस्टर टैंक में सफाई के दौरान चार मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि तीन गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना में फैक्ट्री प्रबंधतंत्र की लापरवाही खुलकर सामने आई थी। डीएम ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे।
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मजिस्ट्रेटी जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई थी। नगर विकास मंत्री आजम खां ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था और सुरक्षा प्रबंधकों को लेकर सवाल उठाए थे। मजिस्ट्रेटी जांच के तहत सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में डिस्टलरी के उपमहाप्रबंधक समेत तीन अफसरों को नोटिस जारी करते हुए हादसे के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
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पखवाड़े भर बाद डिस्टलरी ने अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी है। डिस्टलरी के डायरेक्टर (आपरेशन) की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई है वो वाकई चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में फैक्ट्री प्रबंधन ने हादसे में अपनी ओर से किसी भी तरह की लापरवाही होने से साफ इंकार किया है।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में साफ किया गया है कि फैक्ट्री में काफी काम ठेके पर कराए जाते हैं। इसमें बायोगैस डाइजेस्टर टैंक की सफाई का काम भी अहम है। इसका ठेका दिया गया था। सफाई में लगाए जाने वाले मजदूर भी ठेकेदार के ही होते हैं। फैक्ट्री के अपने सुरक्षा मानक पूरे होते हैं।
हादसे की वजह फैक्ट्री की ओर से अभी तक साफ नहीं की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही फैक्ट्री को घटना की जानकारी मिली तो मजदूरों को उपचार के लिए भेजा गया। हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को दस-दस लाख का मुआवजा भी दिया जा चुका है। बीमा राशि भी मदद के तौर पर दिए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि फैक्ट्री को ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। हो सकता है ठेकेदार से कोई चूक हुई हो। सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल ने बताया कि रिपोर्ट मिल गई है इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद डिस्टलरी के अधिकारियों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाएगा।