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बेटे ने की थी गेटमैन की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:25 PM IST
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रेलवे में गेटमैन के पद पर तैनात नैपाल सिंह की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके बड़े बेटे ओमवीर ने की थी। संपत्ति का लालच उसके मन में ऐसे घुसा कि उतने रिश्तों का खून करने में गुरेज नहीं की। अपने एक साथी के साथ मिलक ड्यूटी पर तैनात पिता की हत्या कर दी और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
पुलिस ने हत्याकांड का औपचारिक खुलासा करते हुए आरोपी ओमवीर को गिरफ्तार कर भेज दिया है। आरोपी दोस्त की तलाश जारी है। शहजादनगर थाना क्षेत्र में रेलवे गेट नंबर 400-सी के पास ट्रैक पर सात फरवरी को एटा के शिकोहाबाद निवासी गेटमैन नैपाल सिंह की लाश मिली थी। वो ड्यूटी पर तैनात था।
रेलवे इंजीनियर राजकुमार शर्मा ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शहजादनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। ये बात सामने आई कि नैपाल की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही बड़े बेटे ने की थी। पुलिस ने नैपाल के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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ओमवीर ने पिता की हत्या की बात कबूल ली। ओमवीर को शुक्रवार को एसपी के सामने पेश किया गया। एसपी साधाना गोस्वामी के मुताबिक नैपाल के तीन बेटे हैं। हत्यारोपी बेटा सबसे बड़ा है। नैपाल बीआरएस लेने जा रहा था। उसने अपने एक बेटे के नाम पर जमीन कर दी थी, जबकि दूसरे बेटे को नौकरी दे रहा था।
नैपाल ने अपने बड़े बेटे के लिए कुछ नहीं किया, जिससे वो खफा था। इसी को लेकर बेटे ने साथी के साथ पिता की हत्या की योजना बना डाली। एसपी के मुताबिक ओमवीर शिकोहाबाद में परिवार के साथ अलग रहता था। घटना से एक दिन पहले वो साथी विनोद के साथ रामपुर आया।
फावड़े की बट से पीटकर पिता को मौत के घाट उतार दिया और लाश को ट्रैक पर फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद विनोद गांव चला गया। ओमवीर शहर में ही घूमता रहा। छोटे बेटे विमल ने उसको हत्या की जानकारी दी तो उसने खुद को दिल्ली में बताया था। फोन के करीब छह घंटे बाद वो जिला अस्पताल पहुंचा।
पिता के शोक में भी शामिल हुआ। एसपी ने बताया कि पुलिस उसके साथी विनोद की तलाश कर रही है। पिता का कत्ल करने के बाद भी ओमवीर के चेहरे पर किसी भी तरह की कोई शिकन नहीं थी। उसने पुलिस को बताया कि पांच फरवरी को विनोद के साथ मुरादाबाद होता हुआ रामपुर आया था।
छह फरवरी की सुबह दोनों रेलवे क्रासिंग पर पहुंचे थे, लेकिन पता चला कि पिता की ड्यूटी शाम छह बजे से है। दोनों रामपुर में घूमते रहे। छह फरवरी को रात दस बजे से ही ककरौआ रेलवे क्रासिंग के पास छुपकर बैठ गए थे। रात तीन बजे जैसे ओमवीर ट्रेन को सिग्लन दिखाने के लिए बाहर निकला दोनों ने फावड़े की बट से उसके सिर पर वार कर दिया।
ओमवीर ने विनोद के साथ मिलकर कपड़ से उसका गला घोंट दिया। शव को ट्रैक पर डाल दिया। उनकी योजना हत्या को दुर्घटना दिखाने की थी। इसके बाद दोनों रामपुर आ गए। विनोद गांव चला गया और ओमवीर रामपुर में ही घूमता रहा। छोटे भाई विमल ने पिता की हत्या की जानकारी दी तो उसने बताया कि वो दिल्ली में है।
रामपुर और मुरादाबाद में लगभग छह घंटे का समय गुजारने के बाद वो जिला अस्पताल पहुंचा। ओमवीर ने पुलिस को बताया कि उसने दस बीघा जमीन बेचकर सारी रकम अपने पास रख ली थी। यही वजह थी कि उससे उसके पिता काफी नाराज चल रहे थे। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़े की बट और घटना के समय पहनी हुई पैंट जिस पर खून के धब्बे लगे हैं, उसे बरामद कर लिया गया है।
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पुलिस ने हत्याकांड का औपचारिक खुलासा करते हुए आरोपी ओमवीर को गिरफ्तार कर भेज दिया है। आरोपी दोस्त की तलाश जारी है। शहजादनगर थाना क्षेत्र में रेलवे गेट नंबर 400-सी के पास ट्रैक पर सात फरवरी को एटा के शिकोहाबाद निवासी गेटमैन नैपाल सिंह की लाश मिली थी। वो ड्यूटी पर तैनात था।
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रेलवे इंजीनियर राजकुमार शर्मा ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शहजादनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। ये बात सामने आई कि नैपाल की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही बड़े बेटे ने की थी। पुलिस ने नैपाल के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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ओमवीर ने पिता की हत्या की बात कबूल ली। ओमवीर को शुक्रवार को एसपी के सामने पेश किया गया। एसपी साधाना गोस्वामी के मुताबिक नैपाल के तीन बेटे हैं। हत्यारोपी बेटा सबसे बड़ा है। नैपाल बीआरएस लेने जा रहा था। उसने अपने एक बेटे के नाम पर जमीन कर दी थी, जबकि दूसरे बेटे को नौकरी दे रहा था।
नैपाल ने अपने बड़े बेटे के लिए कुछ नहीं किया, जिससे वो खफा था। इसी को लेकर बेटे ने साथी के साथ पिता की हत्या की योजना बना डाली। एसपी के मुताबिक ओमवीर शिकोहाबाद में परिवार के साथ अलग रहता था। घटना से एक दिन पहले वो साथी विनोद के साथ रामपुर आया।
फावड़े की बट से पीटकर पिता को मौत के घाट उतार दिया और लाश को ट्रैक पर फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद विनोद गांव चला गया। ओमवीर शहर में ही घूमता रहा। छोटे बेटे विमल ने उसको हत्या की जानकारी दी तो उसने खुद को दिल्ली में बताया था। फोन के करीब छह घंटे बाद वो जिला अस्पताल पहुंचा।
पिता के शोक में भी शामिल हुआ। एसपी ने बताया कि पुलिस उसके साथी विनोद की तलाश कर रही है। पिता का कत्ल करने के बाद भी ओमवीर के चेहरे पर किसी भी तरह की कोई शिकन नहीं थी। उसने पुलिस को बताया कि पांच फरवरी को विनोद के साथ मुरादाबाद होता हुआ रामपुर आया था।
छह फरवरी की सुबह दोनों रेलवे क्रासिंग पर पहुंचे थे, लेकिन पता चला कि पिता की ड्यूटी शाम छह बजे से है। दोनों रामपुर में घूमते रहे। छह फरवरी को रात दस बजे से ही ककरौआ रेलवे क्रासिंग के पास छुपकर बैठ गए थे। रात तीन बजे जैसे ओमवीर ट्रेन को सिग्लन दिखाने के लिए बाहर निकला दोनों ने फावड़े की बट से उसके सिर पर वार कर दिया।
ओमवीर ने विनोद के साथ मिलकर कपड़ से उसका गला घोंट दिया। शव को ट्रैक पर डाल दिया। उनकी योजना हत्या को दुर्घटना दिखाने की थी। इसके बाद दोनों रामपुर आ गए। विनोद गांव चला गया और ओमवीर रामपुर में ही घूमता रहा। छोटे भाई विमल ने पिता की हत्या की जानकारी दी तो उसने बताया कि वो दिल्ली में है।
रामपुर और मुरादाबाद में लगभग छह घंटे का समय गुजारने के बाद वो जिला अस्पताल पहुंचा। ओमवीर ने पुलिस को बताया कि उसने दस बीघा जमीन बेचकर सारी रकम अपने पास रख ली थी। यही वजह थी कि उससे उसके पिता काफी नाराज चल रहे थे। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़े की बट और घटना के समय पहनी हुई पैंट जिस पर खून के धब्बे लगे हैं, उसे बरामद कर लिया गया है।