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कंवल भारती की जमानत अर्जी नहीं होगी खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Wed, 30 Sep 2015 11:33 PM IST
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दलित चिंतक एवं साहित्यकार कंवल भारती की जमानत अर्जी खारिज करने के प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कंवल भारती के खिलाफ आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने 2013 में सिविल लाइंस थाने में फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
भारती ने आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन को लेकर फेसबुक पर विचार व्यक्त किया था। मामले में कोर्ट ने उसी दिन भारती को जमानत दे दी थी। जमानत याचिका खारिज करने को लेकर सेशन कोर्ट में अभियोजन की ओर प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर रहा है और उसके फरार होने की पूरी संभावना है। लिहाजा जमानत याचिका खारिज की जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल कोर्ट के आदेशों का पूरा पालन कर रहा है।
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समय पर अदालत में उपस्थित हो रहा है। अभियोजन के आरोप पूरी तरह से निराधार है। इस पर अपर जिला जज प्रथम राजेंद्र कुमार ने अभियोजन की ओर से जमानत याचिका खारिज करने को दिया गया प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। कोर्ट के फैसले दलित चिंतक को राहत मिली है।
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भारती ने आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन को लेकर फेसबुक पर विचार व्यक्त किया था। मामले में कोर्ट ने उसी दिन भारती को जमानत दे दी थी। जमानत याचिका खारिज करने को लेकर सेशन कोर्ट में अभियोजन की ओर प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर रहा है और उसके फरार होने की पूरी संभावना है। लिहाजा जमानत याचिका खारिज की जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल कोर्ट के आदेशों का पूरा पालन कर रहा है।
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समय पर अदालत में उपस्थित हो रहा है। अभियोजन के आरोप पूरी तरह से निराधार है। इस पर अपर जिला जज प्रथम राजेंद्र कुमार ने अभियोजन की ओर से जमानत याचिका खारिज करने को दिया गया प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। कोर्ट के फैसले दलित चिंतक को राहत मिली है।