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कालेज में बिगड़ी छात्रा की हालत, परिजनों का हंगामा
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:01 AM IST
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शाहबाद। नगर स्थित मनोरमा इंटर कालेज में कक्षा छह की एक छात्रा के बेहोश हो जाने पर उसके परिजनों ने कालेज पहुंचकर हंगामा किया। साथ ही छात्रा के पिता ने 45 मिनट तक छात्रा के बेहोश पड़े रहने के बावजूद भी कालेज प्रबंधन पर उसका इलाज नहीं कराने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
नगर के मोहल्ला मस्जिद काजी निवासी की पुत्री मनोरमा इंटर कालेज में कक्षा छह की छात्रा है। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे छात्रा की हालत बिगड़ गई। जिसकी सूचना किसी ने फोन पर उसके पिता को दी। पिता का आरोप है कि जैसे ही वह अपने परिजनों के साथ कालेज पहुंचे तो कालेज में न तो प्रबंधक थे और न ही स्टाफ। उनकी पुत्री जमीन पर बेहोश पड़ी थी। बेटी को जमीन पर बेहोश पड़ा देख उन्होंने कालेज में जमकर हंगामा किया। साथ ही 100 नंबर पुलिस को फोन कर कालेज बुलाया। उन्होंने 108 नंबर एंबुलेंस को फोन कर कालेज बुलाया। पुलिस के कालेज पहुंचने पर परिजन स्कूल में बेहोश पड़ी बेटी को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए और भर्ती कराया। इलाज के दौरान बेटी की हालत में सुधार होने पर पिता ने कोतवाली पहुंचकर प्रबंधक और स्टाफ पर बेटी का इलाज कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है। जबकि कालेज के प्रबंधक का कहना है कि बच्चे भूजल संरक्षण की रैली में शामिल होने गए थे। उनमें यह छात्रा भी शामिल थी। गर्मी की वजह से छात्रा की हालत बिगड़ गई थी। जब उसके पिता कालेज पहुंचे थे तो वह अपने स्टाफ के साथ उसे अस्पताल ले जा रहे थे। उनका कहना है कि छात्रा के उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। छात्रा के पिता के आरोप निराधार हैं। जबकि कोतवाली प्रभारी गौरव सिंह यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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नगर के मोहल्ला मस्जिद काजी निवासी की पुत्री मनोरमा इंटर कालेज में कक्षा छह की छात्रा है। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे छात्रा की हालत बिगड़ गई। जिसकी सूचना किसी ने फोन पर उसके पिता को दी। पिता का आरोप है कि जैसे ही वह अपने परिजनों के साथ कालेज पहुंचे तो कालेज में न तो प्रबंधक थे और न ही स्टाफ। उनकी पुत्री जमीन पर बेहोश पड़ी थी। बेटी को जमीन पर बेहोश पड़ा देख उन्होंने कालेज में जमकर हंगामा किया। साथ ही 100 नंबर पुलिस को फोन कर कालेज बुलाया। उन्होंने 108 नंबर एंबुलेंस को फोन कर कालेज बुलाया। पुलिस के कालेज पहुंचने पर परिजन स्कूल में बेहोश पड़ी बेटी को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए और भर्ती कराया। इलाज के दौरान बेटी की हालत में सुधार होने पर पिता ने कोतवाली पहुंचकर प्रबंधक और स्टाफ पर बेटी का इलाज कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है। जबकि कालेज के प्रबंधक का कहना है कि बच्चे भूजल संरक्षण की रैली में शामिल होने गए थे। उनमें यह छात्रा भी शामिल थी। गर्मी की वजह से छात्रा की हालत बिगड़ गई थी। जब उसके पिता कालेज पहुंचे थे तो वह अपने स्टाफ के साथ उसे अस्पताल ले जा रहे थे। उनका कहना है कि छात्रा के उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। छात्रा के पिता के आरोप निराधार हैं। जबकि कोतवाली प्रभारी गौरव सिंह यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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