फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   cost of lalpur barrage increases

छह साल में 379 करोड़ रुपये बढ़ गई लालपुर बैराज की निर्माण लागत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
cost of lalpur barrage increases
रामपुर। भूगर्भ जलस्तर सुधारने और नहरों के जरिये किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार में मंजूर हुआ कोसी नदी बैराज का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। हालांकि, अब सिंचाई विभाग ने रिवाइज एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा है। इसके तहत बैराज के निर्माण में 595 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि पहले यह प्रोजेक्ट 216.35 करोड़ रुपये की लागत का था। इस तरह छह साल में बैराज की लागत में 379 करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। अफसरों की माने तो शासन से धन जारी होते ही प्रोजेक्ट का काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

समाजवादी पार्टी की सरकार के दौर में रामपुर में कोसी नदी पर बैराज के निर्माण की घोषणा की गई थी। यह एलान खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अक्तूबर 2013 को रामपुर आकर किया था। इसके बाद अफसरों ने प्रस्ताव तैयार किया, जिसे अफसरों ने तुरंत मंजूरी दे दी थी। उस समय यह प्रोजेक्ट 216.35 करोड़ रुपये का मंजूर हुआ था, जिसे मार्च 2018 तक पूरा किया जाना था। इसके लिए सपा सरकार ने 2014 में 14 करोड़ और 2015 में 30 करोड़ रुपये जारी कर दिए थे, जिसके बाद तेजी से काम शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था ने आवश्यक निर्माण सामग्री जुटाने के साथ ही मशीनरी एवं टूल्स आदि जुटा लिए, इसके बाद बैचिंग प्लांट स्थापित कर दिया गया था। कार्य स्थल पर बैराज निर्माण के लिए फाउंडेशन की खोदाई, डायवर्जन बांध का निर्माण तथा डिवाटरिंग आदि कार्य ही हो सका था।
विज्ञापन

2017 में सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया और भाजपा की सरकार बन गई। इसके साथ सपा सरकार के तमाम प्रोजेक्ट अधर में लटक गए। इसमें कोसी नदी पर बन रहा बैराज भी शामिल था। तब से ही यह काम बंद है और बैराज अधर में लटका हुआ है। हालांकि, सिंचाई विभाग की ओर से इस बाबत नए सिरे से एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है, जो 595 करोड़ का है। ऐसे में छह साल में ही प्रोजेक्ट की लागत 379 करोड़ रुपये बढ़ गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो जैसे ही शासन ने एस्टीमेट को मंजूरी मिल जाएगी, प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

000
मिट्टी की जांच को लेकर फंस गया था प्रोजेक्ट
रामपुर। भाजपा सरकार बनने के बाद सिंचाई विभाग की ओर से बनाए जा रहे कोसी बैराज के निर्माण स्थल की मिट्टी की जांच को लेकर शासन से आदेश जारी किए गए थे। ताकि, कहीं ऐसा न हो कि जहां बैराज बन रहा है उसका फाउंडेशन ही गलत बन जाए और उसका फायदा होने के बजाय नुकसान हो जाए। विभाग की ओर से मिट्टी की जांच की गई। विभागीय अफसरों के मुताबिक जांच में पता लगा कि पहले जिस फाउंडेशन के आधार पर प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, वह मिट्टी ही काफी कमजोर है। ऐसे में खुदाई अधिक होगी। लिहाजा, फाउंडेशन तैयार करने में लागत भी बढ़ती तो विभाग की ओर से नए सिरे से एस्टीमेट तैयार किया गया था, जिस वजह से लागत में इजाफा हो गया। इसके अलावा निर्माण सामग्री के तब और अब के रेटों में काफी फर्क आ गया है, जिस वजह से लागत में इजाफा हो गया।
000
25000 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई में होता मददगार
रामपुर। कोसी नदी का बैराज यदि पूरा हो जाता, तो आज जिले की करीब 25 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो रही होती। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता। इसके अलावा बैराज का निर्माण होने से टांडा, सैदनगर और चमरौआ के भूगर्भ जलस्तर में भी सुधार होता।

कोट
कोसी नदी के बैराज का नया एस्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है, जो करीब 595 करोड़ रुपये का है। शासन से धन जारी होते ही प्रोजेक्ट पर फिर से काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही धन जारी हो जाए। - सियाराम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, रामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed