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जिला सहकारी बैंक घोटाला : जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश, एआर को सौंपी जांच
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रामपुर। जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मृतकों के खाते से पेंशन की धनराशि निकाल ली। लाखों रुपये का गबन कर लिया। अब इस मामले में जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यह जांच एआर कोऑपरेटिव को सौंपी गई है। एआर ने जांच शुरू कर दी है, जिसमें उन्होंने पटवाई शाखा में निलंबित हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।
मामला जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा का है। सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में लगातार पेंशन की धनराशि आ रही थी। लाभार्थियों का खाता जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा में था। इन लाभार्थियों में से कई लोगों की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी पेंशन जारी होने का सिलसिला जारी था। हालांकि, बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी कि कई लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने साजबाज कर विभिन्न खातों से करीब लाखों रुपये निकाल लिए। जब यह मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो वह सचेत हुए। बैंक सचिव ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। मामले की जांच बैंक के उप महाप्रबंधक संजय गुप्ता को सौंपी गई, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच की आंच जब बैंक कर्मचारियों के गले तक पहुंची, तो गबन की गई करीब 12 लाख रुपये की धनराशि जमा करा दी गई। इसी शुरुआती जांच में जिला सहकारी बैंक के दो शाखा प्रबंधकों समेत पांच कर्मचारियों को सचिव ने निलंबित कर दिया था। अब जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने भी विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने यह जांच एआर कोऑपरेटिव को सौंप दी है। एआर ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने शुरुआती जांच के आधार पर निलंबित अधिकारियों एवं कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सचिव को आदेश दे दिए हैं। एआर को ऑपरेटिव हरेन्द्र सिंह ने बताया कि निलंबित किए गए कर्मियों के खिलाफ बैंक सचिव को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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मामला जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा का है। सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में लगातार पेंशन की धनराशि आ रही थी। लाभार्थियों का खाता जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा में था। इन लाभार्थियों में से कई लोगों की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी पेंशन जारी होने का सिलसिला जारी था। हालांकि, बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी कि कई लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने साजबाज कर विभिन्न खातों से करीब लाखों रुपये निकाल लिए। जब यह मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो वह सचेत हुए। बैंक सचिव ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। मामले की जांच बैंक के उप महाप्रबंधक संजय गुप्ता को सौंपी गई, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच की आंच जब बैंक कर्मचारियों के गले तक पहुंची, तो गबन की गई करीब 12 लाख रुपये की धनराशि जमा करा दी गई। इसी शुरुआती जांच में जिला सहकारी बैंक के दो शाखा प्रबंधकों समेत पांच कर्मचारियों को सचिव ने निलंबित कर दिया था। अब जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने भी विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने यह जांच एआर कोऑपरेटिव को सौंप दी है। एआर ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने शुरुआती जांच के आधार पर निलंबित अधिकारियों एवं कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सचिव को आदेश दे दिए हैं। एआर को ऑपरेटिव हरेन्द्र सिंह ने बताया कि निलंबित किए गए कर्मियों के खिलाफ बैंक सचिव को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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