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उगते सूरज को अर्घ्य देकर छठ मैया से मांगी मनौतियां
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उगते सूरज को अर्घ्य देकर छठी मईया से मांगी मनौती
छठ मैया का पूजन कर अनुष्ठान का समापन किया
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर/बिलासपुर। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष सप्तमी पर तड़के निर्जला व्रत रहीं महिलाओं ने घाटों पर खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। छठी मईया का पूजन-अर्चन कर संतान प्राप्ति, दीर्घायु की कामना की। नैवेद्य आदि समर्पित कर दान- पुण्य के साथ प्रसाद ग्रहण कर व्रत एवं अनुष्ठान का समापन किया।
गुरुवार को सूर्य निकलने से पहले ही शहर में रजा टेक्सटाइल कॉलोनी, कृष्णा मंदिर, सीआरपीएफ कॉलोनी समेत कोसी नदी के घाट पर आस्था उमड़ पड़ी। मंगलवार की रात महिलाओं ने खरना खाकर खाकर निर्जला व्रत रखा था। बुधवार की शाम डूबते सूरज को अर्घ्य देकर छठी मईया से मन्नतें मांगी। इसके बाद व्रती महिलाओं ने रात भर पूजा अर्चना की। पूजा अर्चना के दौरान रात भर उत्सव का माहौल रहा। उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं परिजनों संग ब्रह्म मुहूर्त से ही घाटों पर पहुंचने लगीं। पूजन सामग्री के साथ नदी, सरोवर, तालाब के पास बने पूजा बेदी में प्रयोग होने वाली सामग्री केला, नारियल, अनानास, सेब, नीबू, अंगूर, गन्ना, पनियाला, शरीफा, मौसमी आदि फलों को सूप में रख कर भगवान सूर्य को ध्यान लगाकर संतान प्राप्ति, उनके दीर्घायु व मनोकामना पूर्ण के लिए दीप प्रज्जवलित कर पूजन किया। भगवान भाष्कर के उदय होने पर व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर सुख, समृद्धि, संतान प्राप्ति व दीर्घायु की मंगलकामना की। यहां आरती, धूप,अगरबत्ती आदि से जहां वातावरण सुगंधित बना रहा। बच्चों ने फुलझड़ियां जलाकर आनंद उठाया। पोखरे व तालाबों पर बने घाट रोशनी से गुलजार रहे। सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल देने वाले इस पर्व को पुरुष और महिला समान रूप से मनाते हैं। आम तौर पर महिलाएं ही व्रत करती हैं। महापर्व पर पूजन-अर्चन दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात व्रती महिलाओं ने प्रसाद वितरित किया। परिवार में अपनों से बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया इसी के साथ चार दिन से चल रहे छठ पूजा व्रत महोत्सव का समापन हो गया।
बिलासपुर में चौथे दिन भी छठ पर्व गुुुरुवार को नगर व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने सुबह को पूजा अर्चना के बाद 36 घंटे का निर्जल उपवास खोला। सुबह करीब पांच बजे नगर के मोहल्ला कायस्थान, शांति कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी, सोमवार का बाजार, साहूकारा, भट्टीटोला, डैम कॉलोनी आदि मोहल्लों से तमाम श्रद्धालु सिर पर फल, सब्जी आदि प्रसाद की टोकरियां रखकर नगर की भाखड़ा डैम स्थल स्थित पूजा स्थल पर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और नदी में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाओं ने छठ मैया के गीत भी गाए। इस मौके पर संदीप द्विवेदी, सुधाकर द्विवेदी, सुरेश कुमार गुप्ता, जयदीप द्विवेदी, संगीता तिवारी, अरुण तिवारी, नीरज मिश्रा, नवीन मिश्रा, नेहा सक्सेना, समीर कुमार, पप्पू प्रसाद, उषा देवी गुप्ता, प्रिया गुप्ता, अमित गुप्ता, इंद्रेश पांडेय, सुषमा पांडेय तनु गुप्ता, शकुंतला द्विवेदी, प्रीति द्विवेदी, अर्चना द्विवेदी, अलका द्विवेदी, शिव कुमार दुबे, धर्मेंद्र दुबे, सावित्री द्विवेदी, पुरुषोत्तम मिश्रा, गैना प्रसाद आदि मुख्य थे। सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर एसडीएम निरंकार सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार, नायब तहसीलदार अमर पाल सिंह, कोतवाली प्रभारी तेजवीर सिंह आदि मुस्तैद रहे।
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छठ मैया का पूजन कर अनुष्ठान का समापन किया
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर/बिलासपुर। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष सप्तमी पर तड़के निर्जला व्रत रहीं महिलाओं ने घाटों पर खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। छठी मईया का पूजन-अर्चन कर संतान प्राप्ति, दीर्घायु की कामना की। नैवेद्य आदि समर्पित कर दान- पुण्य के साथ प्रसाद ग्रहण कर व्रत एवं अनुष्ठान का समापन किया।
गुरुवार को सूर्य निकलने से पहले ही शहर में रजा टेक्सटाइल कॉलोनी, कृष्णा मंदिर, सीआरपीएफ कॉलोनी समेत कोसी नदी के घाट पर आस्था उमड़ पड़ी। मंगलवार की रात महिलाओं ने खरना खाकर खाकर निर्जला व्रत रखा था। बुधवार की शाम डूबते सूरज को अर्घ्य देकर छठी मईया से मन्नतें मांगी। इसके बाद व्रती महिलाओं ने रात भर पूजा अर्चना की। पूजा अर्चना के दौरान रात भर उत्सव का माहौल रहा। उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं परिजनों संग ब्रह्म मुहूर्त से ही घाटों पर पहुंचने लगीं। पूजन सामग्री के साथ नदी, सरोवर, तालाब के पास बने पूजा बेदी में प्रयोग होने वाली सामग्री केला, नारियल, अनानास, सेब, नीबू, अंगूर, गन्ना, पनियाला, शरीफा, मौसमी आदि फलों को सूप में रख कर भगवान सूर्य को ध्यान लगाकर संतान प्राप्ति, उनके दीर्घायु व मनोकामना पूर्ण के लिए दीप प्रज्जवलित कर पूजन किया। भगवान भाष्कर के उदय होने पर व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर सुख, समृद्धि, संतान प्राप्ति व दीर्घायु की मंगलकामना की। यहां आरती, धूप,अगरबत्ती आदि से जहां वातावरण सुगंधित बना रहा। बच्चों ने फुलझड़ियां जलाकर आनंद उठाया। पोखरे व तालाबों पर बने घाट रोशनी से गुलजार रहे। सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल देने वाले इस पर्व को पुरुष और महिला समान रूप से मनाते हैं। आम तौर पर महिलाएं ही व्रत करती हैं। महापर्व पर पूजन-अर्चन दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात व्रती महिलाओं ने प्रसाद वितरित किया। परिवार में अपनों से बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया इसी के साथ चार दिन से चल रहे छठ पूजा व्रत महोत्सव का समापन हो गया।
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बिलासपुर में चौथे दिन भी छठ पर्व गुुुरुवार को नगर व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने सुबह को पूजा अर्चना के बाद 36 घंटे का निर्जल उपवास खोला। सुबह करीब पांच बजे नगर के मोहल्ला कायस्थान, शांति कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी, सोमवार का बाजार, साहूकारा, भट्टीटोला, डैम कॉलोनी आदि मोहल्लों से तमाम श्रद्धालु सिर पर फल, सब्जी आदि प्रसाद की टोकरियां रखकर नगर की भाखड़ा डैम स्थल स्थित पूजा स्थल पर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और नदी में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाओं ने छठ मैया के गीत भी गाए। इस मौके पर संदीप द्विवेदी, सुधाकर द्विवेदी, सुरेश कुमार गुप्ता, जयदीप द्विवेदी, संगीता तिवारी, अरुण तिवारी, नीरज मिश्रा, नवीन मिश्रा, नेहा सक्सेना, समीर कुमार, पप्पू प्रसाद, उषा देवी गुप्ता, प्रिया गुप्ता, अमित गुप्ता, इंद्रेश पांडेय, सुषमा पांडेय तनु गुप्ता, शकुंतला द्विवेदी, प्रीति द्विवेदी, अर्चना द्विवेदी, अलका द्विवेदी, शिव कुमार दुबे, धर्मेंद्र दुबे, सावित्री द्विवेदी, पुरुषोत्तम मिश्रा, गैना प्रसाद आदि मुख्य थे। सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर एसडीएम निरंकार सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार, नायब तहसीलदार अमर पाल सिंह, कोतवाली प्रभारी तेजवीर सिंह आदि मुस्तैद रहे।
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