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कल से शुरू होंगे चैत्र नवरात्र, शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना
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रामपुर। चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल तक चलेंगे। नवरात्र को लेकर जिले भर में मंदिरों से लेकर बाजार तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया तो बाजारों में पूजन सामग्री से लेकर माता के श्रृंगार और फलाहार में प्रयोग होने वाली खाद्य सामग्रियां दुकानों पर सज गई है।
चैत्र नवरात्र की मंगलवार से शुरुआत होगी। अगले नौ दिनों तक मां भगवती के शक्ति, प्रेम, ज्ञान, सुख-समृद्धि समेत अन्य रूपों का पूजन-अर्चन किया जाएगा। मंदिरों से लेकर घरों तक में माता की भेंट, जगराते और कीर्तन होंगे। शहर के पुराना गंज स्थित माई का थान मंदिर, हरिहर मंदिर, श्री त्रिपुरेश्वरी शक्ति पीठ, सिविल लाइंस स्थित मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर, मनोकामना मंदिर समेत सभी प्रमुख मंदिरों में नवरात्र को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कलश स्थापना में रखें विशेष ध्यान
रामपुर। नवरात्र पूजन की शुरुआत में पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी। कलश स्थापना में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें। कलश स्थापना से पहले नित्य कर्म और स्नान के बाद मां भगवती का ध्यान करें। इसके बाद पूजन स्थल पर एक पटली या अन्य पाट पर लाल व सफेद वस्त्र बिछाएं। इस पर अक्षत यानि चावल या रोली या हल्दी से अष्टदल कमल का निर्माण कर जल से भरा कलश स्थापित करें। जल में चंदन, पंच पल्लव, दूर्वा, पंचामृत, सुपारी, साबुत हल्दी, कुश डालें। कलश पर रोली से स्वास्तिक चिह्न बनाकर गले में मौली लपेटें।
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इसके बाद कलश में शतावरी, जड़ी, हलकुंड, कमल गट्टे, व चांदी का सिक्का रखें। दीप प्रज्ज्वलित कर ईष्ट देव का स्मरण करें। इसके बाद देवी मंत्र जाप कर कलश के सामने गेहूं और जौ को मिट्टी के पात्र में रौपें। पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने बताया कि कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 : 55 बजे से शुरू होगा। इसके साथ ही 10 बजे से दोपहर करीब 1 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा।
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चैत्र नवरात्र की मंगलवार से शुरुआत होगी। अगले नौ दिनों तक मां भगवती के शक्ति, प्रेम, ज्ञान, सुख-समृद्धि समेत अन्य रूपों का पूजन-अर्चन किया जाएगा। मंदिरों से लेकर घरों तक में माता की भेंट, जगराते और कीर्तन होंगे। शहर के पुराना गंज स्थित माई का थान मंदिर, हरिहर मंदिर, श्री त्रिपुरेश्वरी शक्ति पीठ, सिविल लाइंस स्थित मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर, मनोकामना मंदिर समेत सभी प्रमुख मंदिरों में नवरात्र को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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कलश स्थापना में रखें विशेष ध्यान
रामपुर। नवरात्र पूजन की शुरुआत में पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी। कलश स्थापना में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें। कलश स्थापना से पहले नित्य कर्म और स्नान के बाद मां भगवती का ध्यान करें। इसके बाद पूजन स्थल पर एक पटली या अन्य पाट पर लाल व सफेद वस्त्र बिछाएं। इस पर अक्षत यानि चावल या रोली या हल्दी से अष्टदल कमल का निर्माण कर जल से भरा कलश स्थापित करें। जल में चंदन, पंच पल्लव, दूर्वा, पंचामृत, सुपारी, साबुत हल्दी, कुश डालें। कलश पर रोली से स्वास्तिक चिह्न बनाकर गले में मौली लपेटें।
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इसके बाद कलश में शतावरी, जड़ी, हलकुंड, कमल गट्टे, व चांदी का सिक्का रखें। दीप प्रज्ज्वलित कर ईष्ट देव का स्मरण करें। इसके बाद देवी मंत्र जाप कर कलश के सामने गेहूं और जौ को मिट्टी के पात्र में रौपें। पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने बताया कि कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 : 55 बजे से शुरू होगा। इसके साथ ही 10 बजे से दोपहर करीब 1 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा।