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Rampur News: जिला अस्पताल में जल्द बनेगी बर्न यूनिट,भेजा प्रस्ताव
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रामपुर। जिला अस्पताल में बर्न वार्ड पहले से संचालित है लेकिन अब इसे आधुनिक बर्न यूनिट में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में अत्याधुनिक उपकरण, आईसीयू जैसी सुविधाएं, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती शामिल की गई है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौजूदा बर्न वार्ड सीमित संसाधनों के कारण गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं है। कई मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद, बरेली या अन्य बड़े केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है, जिससे उपचार में देरी होती है। नई बर्न यूनिट बनने के बाद जिले में ही गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का समुचित इलाज संभव हो सकेगा। प्रस्ताव में विशेष रूप से वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम, अलग ऑपरेशन थिएटर और संक्रमण मुक्त वार्ड की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि शासन से जल्द मंजूरी मिलने पर निर्माण और संसाधनों की उपलब्धता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।
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रेफरल की समस्या होगी कम
जिले में बर्न के गंभीर मामलों में मरीजों को अक्सर हायर सेंटर भेजना पड़ता है। एंबुलेंस और समय की कमी के कारण कई बार स्थिति बिगड़ जाती है। प्रस्तावित बर्न यूनिट में आईसीयू स्तर की सुविधाएं मिलने से यह समस्या काफी हद तक खत्म होगी। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती गोल्डन आवर में सही इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
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बर्न यूनिट की विशेषताएं
- साफ-सफाई और स्टरलाइजेशन का उच्च स्तर
- मरीजों को अलग रखा जाता है ताकि संक्रमण न फैले
- विशेषज्ञ डॉक्टर और नर्सें
- वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग मशीन, विशेष बेड
- कमरे का तापमान नियंत्रित रखा जाता है, ताकि मरीज को आराम मिले
- 24 घंटे उपचार की व्यवस्था
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बर्न यूनिट के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव पास होने के बाद बर्न यूनिट का काम शुरू करा दिया जाएगा,इससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
- डॉ.बीसी सक्सेना, सीएमएस
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौजूदा बर्न वार्ड सीमित संसाधनों के कारण गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं है। कई मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद, बरेली या अन्य बड़े केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है, जिससे उपचार में देरी होती है। नई बर्न यूनिट बनने के बाद जिले में ही गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का समुचित इलाज संभव हो सकेगा। प्रस्ताव में विशेष रूप से वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम, अलग ऑपरेशन थिएटर और संक्रमण मुक्त वार्ड की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि शासन से जल्द मंजूरी मिलने पर निर्माण और संसाधनों की उपलब्धता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।
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रेफरल की समस्या होगी कम
जिले में बर्न के गंभीर मामलों में मरीजों को अक्सर हायर सेंटर भेजना पड़ता है। एंबुलेंस और समय की कमी के कारण कई बार स्थिति बिगड़ जाती है। प्रस्तावित बर्न यूनिट में आईसीयू स्तर की सुविधाएं मिलने से यह समस्या काफी हद तक खत्म होगी। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती गोल्डन आवर में सही इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
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बर्न यूनिट की विशेषताएं
- साफ-सफाई और स्टरलाइजेशन का उच्च स्तर
- मरीजों को अलग रखा जाता है ताकि संक्रमण न फैले
- विशेषज्ञ डॉक्टर और नर्सें
- वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग मशीन, विशेष बेड
- कमरे का तापमान नियंत्रित रखा जाता है, ताकि मरीज को आराम मिले
- 24 घंटे उपचार की व्यवस्था
बर्न यूनिट के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव पास होने के बाद बर्न यूनिट का काम शुरू करा दिया जाएगा,इससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
- डॉ.बीसी सक्सेना, सीएमएस