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किसानों को बर्बाद करेगा नया बीज कानून : राकेश टिकैत
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रामपुर। भारतीय किसान यूनियन राजनीतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार नया बीज कानून लाने जा रही है, जो किसानों को बर्बाद कर देगा। किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा। इससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।
रविवार को राकेश टिकैत इलाहाबाद में आयोजित चिंतन शिविर से लौटते समय रामपुर कार्यालय पहुंचे। जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने अपनी पूरी टीम के साथ उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता किसानों से मिले और उनकी समस्याओं के बारे में जाना। मीडिया से मुखातिब हुए किसानों के उत्पीड़न पर राष्ट्रीय प्रवक्ता ने खुद ही माना कि किसानों की फसलों की कीमत सही नहीं मिल रही है, इसलिए किसान आत्महत्या कर रहा है। उसी को लेकर 18 मार्च को हमने एक बड़ी पंचायत दिल्ली में रखी है, जिसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नया बीज कानून लाने जा रही है। इस कानून के तहत किसान अपना बीज किसी दूसरे किसान को नहीं दे सकता। इसके लिए अलग बीज पुलिस होगी। कहा कि यह बीज कानून पूरी तरह से किसान विरोधी है। फसल बीमा योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि फसल बीमा योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है। इसका लाभ किसानों को नहीं, बल्कि बीमा कंपनियों को हो रहा है। यह मुद्दा प्रधानमंत्री के समक्ष भी उठाया था, जिस पर प्रधानमंत्री ने एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है कि बीमा योजना से किसानों को क्या लाभ हो रहा है? उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने कांट्रेक्ट फार्मिंग लागू की है, जिससे बड़ी बड़ी कंपनियां किसानों की जमीनों पर खेती करेंगी और किसानों की जमीनों को बंजर कर चली जाएंगी। मीडिया से बात करने के बाद वह भाकियू नेता सरदूल सिंह चीमा से मिलने उनके गांव रैसेने चले गए।
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रविवार को राकेश टिकैत इलाहाबाद में आयोजित चिंतन शिविर से लौटते समय रामपुर कार्यालय पहुंचे। जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने अपनी पूरी टीम के साथ उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता किसानों से मिले और उनकी समस्याओं के बारे में जाना। मीडिया से मुखातिब हुए किसानों के उत्पीड़न पर राष्ट्रीय प्रवक्ता ने खुद ही माना कि किसानों की फसलों की कीमत सही नहीं मिल रही है, इसलिए किसान आत्महत्या कर रहा है। उसी को लेकर 18 मार्च को हमने एक बड़ी पंचायत दिल्ली में रखी है, जिसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नया बीज कानून लाने जा रही है। इस कानून के तहत किसान अपना बीज किसी दूसरे किसान को नहीं दे सकता। इसके लिए अलग बीज पुलिस होगी। कहा कि यह बीज कानून पूरी तरह से किसान विरोधी है। फसल बीमा योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि फसल बीमा योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है। इसका लाभ किसानों को नहीं, बल्कि बीमा कंपनियों को हो रहा है। यह मुद्दा प्रधानमंत्री के समक्ष भी उठाया था, जिस पर प्रधानमंत्री ने एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है कि बीमा योजना से किसानों को क्या लाभ हो रहा है? उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने कांट्रेक्ट फार्मिंग लागू की है, जिससे बड़ी बड़ी कंपनियां किसानों की जमीनों पर खेती करेंगी और किसानों की जमीनों को बंजर कर चली जाएंगी। मीडिया से बात करने के बाद वह भाकियू नेता सरदूल सिंह चीमा से मिलने उनके गांव रैसेने चले गए।
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