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जीत के जश्न में जमानत राशि ही लेना भूल गए नेता जी
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रामपुर। पंचायत चुनाव में जीत हासिल करने के बाद विजयी प्रत्याशी जीत के जश्न में इस कद्र डूब गए कि वे अपनी जमानत राशि ही वापस लेना भूल गए। जिले में महज सौ लोगों ने ही चुनाव कार्यालय में जमानत राशि वापस लेने के लिए आवेदन किया है। अब तक एक भी जिला पंचायत सदस्य ने अपनी जमानत राशि के लिए क्लेम नहीं किया है।
प्रदेश में हाल ही में पंचायत चुनाव संपन्न हुए हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले गए थे। चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया तीन अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसके बाद 15 अप्रैल को मतदान और फिर दो मई को मतगणना हुई थी। इसके तहत जिले में 34 जिला पंचायत सदस्य, 680 ग्राम प्रधान, 859 क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं सात हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य चुनकर आए थे। यदि विजेता को अपनी जमानत राशि वापस लेनी होती है, तो उसे मतगणना के तीन माह के भीतर चुनाव खर्च का ब्योरा, घोषणापत्र एवं जमानत राशि वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र चुनाव कार्यालय में जमा करना होता है। लेकिन, नेता जी जीत के जश्न में इस कद्र डूब गए कि उन्हें अपनी जमानत राशि वापस लेने की सुध ही नहीं रही। रामपुर की बात की जाए तो यहां सिर्फ सौ लोगों ने ही जमानत राशि वापस लेने के लिए आवेदन किया है। ऐसे में अब समयावधि भी समाप्त हो चुकी है। लिहाजा, विजेताओं की जमानत राशि जीत हासिल होने के बाद भी वापस नहीं मिल सकेगी।
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प्रदेश में हाल ही में पंचायत चुनाव संपन्न हुए हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले गए थे। चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया तीन अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसके बाद 15 अप्रैल को मतदान और फिर दो मई को मतगणना हुई थी। इसके तहत जिले में 34 जिला पंचायत सदस्य, 680 ग्राम प्रधान, 859 क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं सात हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य चुनकर आए थे। यदि विजेता को अपनी जमानत राशि वापस लेनी होती है, तो उसे मतगणना के तीन माह के भीतर चुनाव खर्च का ब्योरा, घोषणापत्र एवं जमानत राशि वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र चुनाव कार्यालय में जमा करना होता है। लेकिन, नेता जी जीत के जश्न में इस कद्र डूब गए कि उन्हें अपनी जमानत राशि वापस लेने की सुध ही नहीं रही। रामपुर की बात की जाए तो यहां सिर्फ सौ लोगों ने ही जमानत राशि वापस लेने के लिए आवेदन किया है। ऐसे में अब समयावधि भी समाप्त हो चुकी है। लिहाजा, विजेताओं की जमानत राशि जीत हासिल होने के बाद भी वापस नहीं मिल सकेगी।
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