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आजम की जुबानी: सुप्रीम कोर्ट रच रहा इतिहास, बंदर की तरह नाच रहे हम, जानिए- लुलु और क्रॉस वोटिंग पर क्या बोले?

Sat, 23 Jul 2022 08:41 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 23 Jul 2022 08:41 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व मंत्री आजम खां ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मालिक ने बड़े अहसान किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तो वो किया है जो, शायद इतिहास रचने जैसा है। सुप्रीम कोर्ट इतिहास रच रहा है। सपा नेता आजम खां ने लखनऊ के लुलु मॉल प्रकरण पर कहा कि मैं तो मॉल जाता ही नहीं और जानता भी नहीं कि मॉल क्या होता है?

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Azam Khan gave his reaction after relief from order of Supreme Court appreciate order
Azam Khan - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सपा नेता आजम खां को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत को नियमित में बदलते हुए जौहर विवि परिसर में सील किए गए हिस्से को खोलने के आदेश दिए हैं। इस पर आजम खां ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट इतिहास रच रहा है। सुप्रीम कोर्ट को अहसास हो गया है कि मुझे व मेरे परिवार और मेरे लोगों को कितना सताया गया है।

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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा कि मालिक ने बड़े अहसान किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तो वो किया है जो, शायद इतिहास रचने जैसा है। सुप्रीम कोर्ट इतिहास रच रहा है। सुप्रीम कोर्ट के सील किए गए हिस्से को खोलने के आदेश के बाद अगला कदम क्या होगा? इस सवाल पर आजम खां ने कहा कि अभी हमारे पास जजमेंट की कॉपी नहीं आई है। पहले जजमेंट की कॉपी अपलोड हो जाए, जैसे ही आदेश की कॉपी आएगी उसे जौहर विवि प्रशासन की तरफ से स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे फिर देखते हैं क्या होगा।

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सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया- आजम खां
इस दौरान आजम खां ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके अधिवक्ता की ओर से दाखिल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना संबंधी याचिका को भी मंजूर कर लिया है और इस पर बहस के लिए जल्द ही तारीख मिल जाएगी। ये  याचिका आजम खां ने अधिवक्ता के माध्यम से ये कहते हुए दाखिल की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जौहर विवि परिसर में तारबंदी जारी रही और इतना ही नहीं दो भवनों को सील भी कर दिया गया। आजम खां ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया जो उन्होंने किया है, जमीन पर ऐसा ही होना चाहिए। क्योंकि उसके बाद इंसाफ का कोई दरवाजा नहीं रह जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने जो भी किया कमाल किया है और वो ही कर सकते हैं। कुदरत उनको इनाम दें, जो उन्होंने हमारे साथ इंसाफ किया।

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तो लुलु क्या देखें जब मुकदमों से फुर्सत नहीं
सपा नेता आजम खां ने लखनऊ के लुलु मॉल प्रकरण पर कहा कि मैं तो मॉल जाता ही नहीं और जानता भी नहीं कि मॉल क्या होता है? अब लुलु का पता ही नहीं क्या है, जब मैं किसी लुलु को जानता ही नहीं तो राय क्या दूं। मैं खुद इतना परेशान और व्यस्त रहा कि टीवी भी नहीं देखा। मुझे लुलु की समस्या ही नहीं पता क्या है, जब मुझे कुछ नहीं पता तो राय क्या दूं?

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हम तो मदारी के बंदर की तरह नाच रहे
क्रॉस वोटिंग करने वालों पर पूछे गए सवाल पर बोले हमने तो अपना वोट किया बस। हमारी जानकारी में नहीं किसने क्या किया। हम तो सिर्फ अपना वोट डालकर लौट आए। हम तो छोटे से वर्कर हैं और कोई बड़े नेता नहीं हैं। गए और वोट डालकर आ गए। हमारी तारीखें लगी हुईं हैं। तंज कसते हुए कहा कि हम तो मदारी के बंदर की तरह नाचते फिर रहे हैं। शराब की दुकान लूटने वाले गुंडे, बदमाश और डकैत हैं। अब हम अपने मुकदमे देखें या ये देखें कि किसने वोट दिया या नहीं।

अब्दुल्ला ने किया ट्वीट, फिर सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद
सपा नेता आजम खां के बेटे एवं स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को एक ट्वीट किया। जिसमें लिखा कि फिर सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद। वहीं इसके साथ ही अब्दुल्ला आजम ने अपने ट्वीटर हैंडल पर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी जीत की बधाई दी है।

कांविड़यों के साथ हुए हादसे पर जताया शोक, मुआवजे की मांग
आजम खां ने हाथरस में डंपर से कांवड़ियों को रौंदे जाने में छह कांवड़ियों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीड़ित कांवड़ियों के परिजनों के लिए जो मदद का एलान किया है, उसमें कंजूसी की है। सरकार के दिखावे और अमल में अंतर है, ऐसा नहीं होना चाहिए। सरकार एक तरफ तो कांवड़ियों पर फूल बरसा रही है और इतनी बड़ी घटना के बाद सिर्फ एक-एक लाख रुपये का मुआवजा दे रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से पचास लाख रुपये और प्रदेश सरकार से पचास लाख रुपये अलग-अलग पीड़ित परिजनों की आर्थिक सहायता करने की मांग की है।

सरकार मेरी दुश्मन, मुझे जेड प्लस सुरक्षा दी जाए
जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद आजम खां ने पहली बार खुल कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरे लिए खतरे बहुत बड़े हैं। सरकार मेरी दुश्मन बनी हुई है। सरकार की मेरे लिए घृणा मेरे जीवन और मेरे परिवार पर खतरा दर्शाती है। मेरी जेड प्लस सुरक्षा बहाल की जाए, क्योंकि अभी मेरे पास एक विधायक की ही सुरक्षा है।

सरकार मुझे और मेरे लोगों को बर्बाद करने पर तुली
अमर उजाला से बातचीत में आजम खां ने कहा कि सरकार की ओर से मेरे रामपुर में दाखिल न होने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी जो कि खारिज कर दी गई थी। ये घृणा मेरे जीवन और मेरे परिवार पर खतरा दर्शाती है। कहा कि अभी मेरे पास सिर्फ एक विधायक की सुरक्षा है, जोकि कम है। मेरे लिए खतरे बहुत बड़े हैं। सरकार मेरी दुश्मन बनी हुई है। सरकार मुझे, मेरी पार्टी और मेरे लोगों को बर्बाद करने पर तुली है। सरकार मेरी दुश्मन है, ऐसे में मेरी सुरक्षा बढ़नी चाहिए। आजम खां ने कहा कि उन्हें जेड स्पेशल सुरक्षा प्रदान की जाए, इसके लिए पहले सिफारिश भी की गई थी।

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