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आशा वर्कर करेंगी मलेरिया की जांच, एप से होगी निगरानी
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आशा वर्कर करेंगी मलेरिया की जांच, एप से होगी निगरानी
रामपुर। मलेरिया की रोकथाम और रोगियों को समय से उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और कवायद किए जाने का दावा किया है, जिसमें आशा वर्कर अब अपने क्षेत्र के मलेरिया आशंकितों की जांच करेंगी। इसके लिए उन्हें रेपिड टेस्ट किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही आशा वर्कर जांच व उसके परिणाम को एक एप पर भी अपलोड करेंगी, जिससे क्षेत्रवार मलेरिया की स्थिति का पता चल सकेगा। जिस क्षेत्र में मलेरिया का प्रभाव अधिक होगा, वहां रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा सकेगा।
संक्रामक बीमारियों पर शिकंजा कसने को सरकार अब टेक्नोलॉजी का सहारा लेगी। घर बैठे कागजी रिपोर्ट तैयार नहीं होगी। गांवों में संक्रामक बीमारी से पीड़ितों की खबर पर अब आशाओं को उनके घर जाना पड़ेगा। रामपुर में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने के साथ ही एंटीलार्वा का छिड़काव व फागिंग भी कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर ही हो सकेगी। इसके लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) पंकज द्विवेदी ने बताया कि मलेरिया जांच के लिए आशाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया जांच करने के बाद उसका जो भी रिजल्ट होगा, उसे तुरंत सीएस प्रो एप पर अपलोड करना होगा। एप पर जानकारी मिलने के बाद संबंधित ब्लॉक की रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट हो जाएगी। वाराणसी में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने के साथ ही एंटीलार्वा का छिड़काव व फागिंग भी कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर ही हो सकेगी। इसके लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।
तकनीक के इस्तेमाल से हमें हर मरीज की उसी समय जानकारी मिल जाएगी। अन्य अधिकारी भी पोर्टल पर बीमारियों की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।
पंकज द्विवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी
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रामपुर। मलेरिया की रोकथाम और रोगियों को समय से उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और कवायद किए जाने का दावा किया है, जिसमें आशा वर्कर अब अपने क्षेत्र के मलेरिया आशंकितों की जांच करेंगी। इसके लिए उन्हें रेपिड टेस्ट किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही आशा वर्कर जांच व उसके परिणाम को एक एप पर भी अपलोड करेंगी, जिससे क्षेत्रवार मलेरिया की स्थिति का पता चल सकेगा। जिस क्षेत्र में मलेरिया का प्रभाव अधिक होगा, वहां रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा सकेगा।
संक्रामक बीमारियों पर शिकंजा कसने को सरकार अब टेक्नोलॉजी का सहारा लेगी। घर बैठे कागजी रिपोर्ट तैयार नहीं होगी। गांवों में संक्रामक बीमारी से पीड़ितों की खबर पर अब आशाओं को उनके घर जाना पड़ेगा। रामपुर में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने के साथ ही एंटीलार्वा का छिड़काव व फागिंग भी कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर ही हो सकेगी। इसके लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) पंकज द्विवेदी ने बताया कि मलेरिया जांच के लिए आशाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया जांच करने के बाद उसका जो भी रिजल्ट होगा, उसे तुरंत सीएस प्रो एप पर अपलोड करना होगा। एप पर जानकारी मिलने के बाद संबंधित ब्लॉक की रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट हो जाएगी। वाराणसी में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने के साथ ही एंटीलार्वा का छिड़काव व फागिंग भी कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर ही हो सकेगी। इसके लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।
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तकनीक के इस्तेमाल से हमें हर मरीज की उसी समय जानकारी मिल जाएगी। अन्य अधिकारी भी पोर्टल पर बीमारियों की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।
पंकज द्विवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी