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Rampur News: रसोई गैस के संकट के बीच बढ़ गए उपलों और लकड़ी के दाम
Mon, 16 Mar 2026 01:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:23 AM IST
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रामपुर। रसोई गैस के संकट के शोर के बीच कोयला, लकड़ी और उपलों के दाम भी बढ़ने शुरू हो गए हैं। पहले दो रुपये में मिलने वाले उपले की कीमत चार रुपये तक पहुंच गई है। वहीं लकड़ी के दाम भी आठ रुपये प्रति किलो से बढ़कर दस रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट में कोयले की भट्ठियां फिर से जलने लगी हैं। छोटे दुकानदार और ठेला संचालक लकड़ी व उपलों का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। गैस की किल्लत ने लोगों को फिर से पुराने पारंपरिक ढर्रे पर लाकर खड़ा कर दिया है। चाय का ठेला लगाने वाले राजपाल ने बताया कि गैस सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। अब उपले भी महंगे हो गए हैं। पहले उपला दो रुपये का मिल रहा था लेकिन अब चार रुपये तक मिल रहा है। इसी तरह चाय का ठेला लगाने वाले राजेंद्र व हरिओम ने बताया कि उनका सिलिंडर खत्म होने के बाद उन्हें गैस नहीं मिल सकी है। यही कारण है कि दुकान बंद रखनी पड़ी। बाजार में उपले आसानी से नहीं मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें गांव से मंगवाने पड़ रहे हैं। बड़े होटल वाले तो कोयला भी खरीद सकते हैं लेकिन छोटे दुकानदारों को उपले और लकड़ी से ही काम चलाना मजबूरी है।
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दावा: बुकिंग के तीन दिन बाद पहुंच रहा सिलिंडर
रामपुर। प्रगति गैस एजेंसी के प्रबंधक एसपी अग्रवाल का कहना है कि रसोई गैस बुकिंग के तीन दिन बाद उपभोक्ताओं तक सिलिंडर पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि यहां रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। लोगों में हड़बड़ी मची है। लोगों को संयम से काम लेना चाहिए।
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केवाईसी के नाम पर उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
रामपुर। केवाईसी के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिना केवाईसी के बुकिंग भी नहीं हो रही है। ऐसे में केवाईसी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट में कोयले की भट्ठियां फिर से जलने लगी हैं। छोटे दुकानदार और ठेला संचालक लकड़ी व उपलों का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। गैस की किल्लत ने लोगों को फिर से पुराने पारंपरिक ढर्रे पर लाकर खड़ा कर दिया है। चाय का ठेला लगाने वाले राजपाल ने बताया कि गैस सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। अब उपले भी महंगे हो गए हैं। पहले उपला दो रुपये का मिल रहा था लेकिन अब चार रुपये तक मिल रहा है। इसी तरह चाय का ठेला लगाने वाले राजेंद्र व हरिओम ने बताया कि उनका सिलिंडर खत्म होने के बाद उन्हें गैस नहीं मिल सकी है। यही कारण है कि दुकान बंद रखनी पड़ी। बाजार में उपले आसानी से नहीं मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें गांव से मंगवाने पड़ रहे हैं। बड़े होटल वाले तो कोयला भी खरीद सकते हैं लेकिन छोटे दुकानदारों को उपले और लकड़ी से ही काम चलाना मजबूरी है।
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दावा: बुकिंग के तीन दिन बाद पहुंच रहा सिलिंडर
रामपुर। प्रगति गैस एजेंसी के प्रबंधक एसपी अग्रवाल का कहना है कि रसोई गैस बुकिंग के तीन दिन बाद उपभोक्ताओं तक सिलिंडर पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि यहां रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। लोगों में हड़बड़ी मची है। लोगों को संयम से काम लेना चाहिए।
केवाईसी के नाम पर उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
रामपुर। केवाईसी के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिना केवाईसी के बुकिंग भी नहीं हो रही है। ऐसे में केवाईसी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।