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Rampur News: घायल युवक की मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाने की मांग को लेकर सीओ कार्यालय का घेराव
Thu, 23 Jul 2026 12:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:30 AM IST
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शाहबाद। मोहम्मदगंज में हुए मारपीट के मामले में घायल युवक मुलायम सिंह (31) की मेरठ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने हत्या की धारा बढ़ाने की मांग को लेकर शव सहित सीओ कार्यालय का घेराव कर दिया। सीओ के मौजूद नहीं होने पर कोतवाल ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण देर रात तक मौके पर डटे रहे।
मोहम्मदगंज गांव निवासी सुभाष ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 17 जुलाई की शाम करीब आठ बजे उसकी पत्नी कंचन और अनमोल के बीच विवाद हो रहा था। वह बीच-बचाव करने पहुंचा तो आरोप है कि रंजीत, सोनू और मोनू ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में सुभाष और मुलायम सिंह (31) घायल हो गए थे।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल मुलायम सिंह को बेहतर इलाज के लिए मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 21 जुलाई की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ने की मांग की। हत्या की धारा नहीं जोड़े जाने से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर सीओ कार्यालय पहुंच गए और घेराव कर दिया।
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उस समय सीओ देवकीनंदन अवकाश पर थे। सूचना मिलने पर कोतवाल रणवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी देर तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर विवेचना के दौरान हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी, लेकिन ग्रामीण तत्काल धारा बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे। रात करीब आठ बजे तक शव सीओ कार्यालय के सामने रखा रहा और ग्रामीण वहीं डटे रहे।
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वर्जन
मारपीट में घायलों को मेडिकल के लिए भेजा था। तहरीर मिलने पर जांच की गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज हो गई। इसी बीच मारपीट में घायल मुलायम सिंह की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धारा बढ़ा दी जाएगी। उनसे वार्ता चल रही है। मृतक के परिजनों को भ्रम था कि रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। उन्हें जानकारी दे दी गई है। तहरीर में मरने वाले तक का नाम नहीं था। वह भी पुलिस जांच में पता चला है।
- देवकीनंदन, सीओ शाहबाद
पति की मौत के बाद प्राथमिकी दर्ज करने पर जताया आक्रोश
शाहबाद। 17 जुलाई को गांव में दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई थी। मारपीट में घायल मुलायम सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी सत्यवती ने सीओ कार्यालय में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना के पांच दिन बाद, जब उनके पति की मौत हो गई, तब पुलिस ने मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की। उनका आरोप है कि प्राथमिकी में उनके पति मुलायम सिंह का नाम तक शामिल नहीं है, जबकि वह गंभीर रूप से घायल थे और बाद में उनकी मौत हो गई। हालांकि, कोतवाल रणवीर सिंह ने बताया कि कल्याण ने कानूनी कार्रवाई से इनकार किया था, जिसकी वीडियो उनके पास मौजूद है। संवाद
17 दिन के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
शाहबाद। मुलायम सिंह की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। मृतक की पत्नी सत्यवती ने बताया कि 17 दिन पहले उनके बेटे का जन्म हुआ था और उसके नामकरण की तैयारी चल रही थी। इसी बीच मुलायम सिंह की मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। संवाद
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मोहम्मदगंज गांव निवासी सुभाष ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 17 जुलाई की शाम करीब आठ बजे उसकी पत्नी कंचन और अनमोल के बीच विवाद हो रहा था। वह बीच-बचाव करने पहुंचा तो आरोप है कि रंजीत, सोनू और मोनू ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में सुभाष और मुलायम सिंह (31) घायल हो गए थे।
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घटना के बाद गंभीर रूप से घायल मुलायम सिंह को बेहतर इलाज के लिए मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 21 जुलाई की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ने की मांग की। हत्या की धारा नहीं जोड़े जाने से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर सीओ कार्यालय पहुंच गए और घेराव कर दिया।
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उस समय सीओ देवकीनंदन अवकाश पर थे। सूचना मिलने पर कोतवाल रणवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी देर तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर विवेचना के दौरान हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी, लेकिन ग्रामीण तत्काल धारा बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे। रात करीब आठ बजे तक शव सीओ कार्यालय के सामने रखा रहा और ग्रामीण वहीं डटे रहे।
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मारपीट में घायलों को मेडिकल के लिए भेजा था। तहरीर मिलने पर जांच की गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज हो गई। इसी बीच मारपीट में घायल मुलायम सिंह की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धारा बढ़ा दी जाएगी। उनसे वार्ता चल रही है। मृतक के परिजनों को भ्रम था कि रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। उन्हें जानकारी दे दी गई है। तहरीर में मरने वाले तक का नाम नहीं था। वह भी पुलिस जांच में पता चला है।
- देवकीनंदन, सीओ शाहबाद
पति की मौत के बाद प्राथमिकी दर्ज करने पर जताया आक्रोश
शाहबाद। 17 जुलाई को गांव में दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई थी। मारपीट में घायल मुलायम सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी सत्यवती ने सीओ कार्यालय में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना के पांच दिन बाद, जब उनके पति की मौत हो गई, तब पुलिस ने मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की। उनका आरोप है कि प्राथमिकी में उनके पति मुलायम सिंह का नाम तक शामिल नहीं है, जबकि वह गंभीर रूप से घायल थे और बाद में उनकी मौत हो गई। हालांकि, कोतवाल रणवीर सिंह ने बताया कि कल्याण ने कानूनी कार्रवाई से इनकार किया था, जिसकी वीडियो उनके पास मौजूद है। संवाद
17 दिन के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
शाहबाद। मुलायम सिंह की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। मृतक की पत्नी सत्यवती ने बताया कि 17 दिन पहले उनके बेटे का जन्म हुआ था और उसके नामकरण की तैयारी चल रही थी। इसी बीच मुलायम सिंह की मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। संवाद