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35 साल से बंद चकरोड को खुलवाया
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स्वार। राजस्व विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को 35 साल से बंद पड़े चकरोड को पैमाइश के बाद खुलवा दिया। इस चकरोड से अतिक्रमण हटाने से तीन गांवों की दूरी काफी कम हो गई है। इसके चलते ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।
रसूलपुर-फरीदपुर के प्रधान हाफिज मोहम्मद अकील से ग्रामीणों ने 35 साल से अवैध कब्जे के शिकार चकरोड को खुलवाने की मांग की थी। यह चकरोड मझरा रसूलपुर, चांदपुर और खेमपुर गांवों को जोड़ता है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा यह रास्ता आसपास के किसानों ने जोत रखा था। प्रधान और ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया था। उप जिलाधिकारी के आदेश पर बृहस्पतिवार को राजस्व निरीक्षक हिदायत नबी, लेखपाल तोलाराम और पुलिस कांस्टेबल कमल सिंह व विपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पैमाइश के बाद डेढ़ किमी लंबा रास्ता खोल दिया गया। ग्राम प्रधान मोहम्मद अकील ने बताया कि यह रास्ता 35 साल से बंद था। अब खुलने से तीन गांवों के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। अब उनकी कृषि उपज आसानी से मंडी तक पहुंच सकेगी। ग्रामीण छत्रपाल, रामभरोसे, अफसर अली, रामकुमार और यूसुफ आदि ने बताया कि उन्हें खेतों पर पहुंचने और फसल लाने की आसानी हो जाएगी।
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रसूलपुर-फरीदपुर के प्रधान हाफिज मोहम्मद अकील से ग्रामीणों ने 35 साल से अवैध कब्जे के शिकार चकरोड को खुलवाने की मांग की थी। यह चकरोड मझरा रसूलपुर, चांदपुर और खेमपुर गांवों को जोड़ता है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा यह रास्ता आसपास के किसानों ने जोत रखा था। प्रधान और ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया था। उप जिलाधिकारी के आदेश पर बृहस्पतिवार को राजस्व निरीक्षक हिदायत नबी, लेखपाल तोलाराम और पुलिस कांस्टेबल कमल सिंह व विपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पैमाइश के बाद डेढ़ किमी लंबा रास्ता खोल दिया गया। ग्राम प्रधान मोहम्मद अकील ने बताया कि यह रास्ता 35 साल से बंद था। अब खुलने से तीन गांवों के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। अब उनकी कृषि उपज आसानी से मंडी तक पहुंच सकेगी। ग्रामीण छत्रपाल, रामभरोसे, अफसर अली, रामकुमार और यूसुफ आदि ने बताया कि उन्हें खेतों पर पहुंचने और फसल लाने की आसानी हो जाएगी।
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