{"_id":"57b607b44f1c1ba2506ec801","slug":"accident-mother-doughter-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलक में मां-बेटी की मौत, तोड़फोड़-बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलक में मां-बेटी की मौत, तोड़फोड़-बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
मिलक में हादसे के बाद बस में की गई तोड़फोड़।
- फोटो : अमर उजाला
बरेली जिले के थाना शेरगढ़ क्षेत्र के मानपुर पूर्वी गांव निवासी गुलशन कुमार अपनी पत्नी शीतल (20) और सात माह की बेटी के साथ मिलक-पटवाई रोड से सिरौली (बरेली) क्षेत्र के अजमेर गांव निवासी राजाराम के घर पर रक्षाबंधन पर जा रहा था। शीतल का मायका अजमेर गांव में है।
कोतवाली क्षेत्र के कुंदनपुर गांव के पास सामने से आ रही एक निजी बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। बाइक में टक्कर लगते ही शीतल और उसकी मासूम बेटी महकना की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में शीतल का पति गुलशन कुमार बाल-बाल बच गया।
हादसे पर भड़की भीड़ ने बस में जमकर तोड़-फोड की। जिस पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के आक्रोश को देखकर बस चालक अमर पाल निवासी मिलक असदुल्लापुर ने कुंदनपुर गांव में भागकर एक ग्रामीण के घर में छुपकर अपनी जान बचाई।
विज्ञापन
भीड़ ने ग्रामीण के घर को घेर लिया और चालक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन मकान मालिक के समझाने पर भीड़ चली आई। सूचना पर पहुंची पुलिस चालक को भीड़ से बचाकर ले जाने लगी। इस पर लोग भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों का कहना था कि चालक को उनके हवाले किया जाए। भीड़ ने हादसे में मरी मां-बेटी के शव को नहीं उठाने दिया। उनका कहना था कि पहले परिवार वालों को आने दिया जाए। शव को उठाने के दौरान पुलिस और भीड़ में जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पीएम को भेजा है। हादसे की रिपोर्ट मृतका के ससुर रामेश्वर दयाल ने दर्ज कराई है।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के कुंदनपुर गांव के पास सामने से आ रही एक निजी बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। बाइक में टक्कर लगते ही शीतल और उसकी मासूम बेटी महकना की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में शीतल का पति गुलशन कुमार बाल-बाल बच गया।
विज्ञापन
हादसे पर भड़की भीड़ ने बस में जमकर तोड़-फोड की। जिस पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के आक्रोश को देखकर बस चालक अमर पाल निवासी मिलक असदुल्लापुर ने कुंदनपुर गांव में भागकर एक ग्रामीण के घर में छुपकर अपनी जान बचाई।
विज्ञापन
भीड़ ने ग्रामीण के घर को घेर लिया और चालक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन मकान मालिक के समझाने पर भीड़ चली आई। सूचना पर पहुंची पुलिस चालक को भीड़ से बचाकर ले जाने लगी। इस पर लोग भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों का कहना था कि चालक को उनके हवाले किया जाए। भीड़ ने हादसे में मरी मां-बेटी के शव को नहीं उठाने दिया। उनका कहना था कि पहले परिवार वालों को आने दिया जाए। शव को उठाने के दौरान पुलिस और भीड़ में जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पीएम को भेजा है। हादसे की रिपोर्ट मृतका के ससुर रामेश्वर दयाल ने दर्ज कराई है।