पासपोर्ट मामला: विधायक अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ताओं ने पासपोर्ट अधिकारी से किए ये सवाल, 21 मई को फिर होगी जिरह
पासपोर्ट अधिकारी से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने कई सवाल किए। अधिवक्ताओं ने पूछा कि अब्दुल्ला आजम ने पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं के तहत क्या पांच हजार रुपये अर्थदंड जमा किया था। जिस पर पासपोर्ट अधिकारी ने कहा कि अब्दुल्ला आजम ने पांच हजार रुपये अर्थदंड जमा किया।
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स्वार विधानसभा क्षेत्र से विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट मामले में शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें पासपोर्ट अधिकारी से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने पासपोर्ट अधिकारी से जिरह करते हुए कई सवाल किए। जिसका उन्होंने जबाव दिया। शुक्रवार को अधिवक्ताओं की पासपोर्ट अधिकारी से जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी, जिसमें जिरह की कार्यवाही जारी रहेगी।
वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में सपा नेता आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट रखने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें विवेचना के बाद विवेचक द्वारा आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। विधायक अब्दुल्ला आजम की जमानत कोर्ट द्वारा मंजूर हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
शुक्रवार को दो पासपोर्ट के मामले में बरेली से आए पासपोर्ट अधिकारी मोहम्मद नसीम भी कोर्ट में पेश हुए। उनसे बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि अब्दुल्ला आजम ने पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं के तहत क्या पांच हजार रुपये अर्थदंड जमा किया था। जिस पर पासपोर्ट अधिकारी ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम की धारा के प्रावधान के तहत अब्दुल्ला आजम ने पांच हजार रुपये अर्थदंड जमा किया। अधिवक्ताओं ने पूछा कि विवेचना के समय विवेचक ने इस मुकदमे से संबंधित कोई भी पत्र आपको दिया था। जिस पर पासपोर्ट अधिकारी ने कहा कि नहीं। समय के अभाव के कारण उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी।
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां के पुत्र व स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पिछले दिनों कोर्ट ने लगातार सुनवाई से गैरहाजिर रहने के चलते अब्दुल्ला आजम और उनकी मां डॉ. तजीन फातमा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। जिसके बाद अब्दुल्ला आजम कोर्ट पहुंचे थे और उनके अधिवक्ता की ओर से दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र के बाद कोर्ट ने वारंट सशर्त वापस ले लिए थे।
कोर्ट ने कहा था कि अब्दुल्ला आजम को प्रत्येक तिथि पर कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होना होगा। हालांकि, उनकी मां की उम्र और बीमारी को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें पेशी से छूट दे दी थी। लेकिन, अधिवक्ता के जरिए हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र देने को कहा था। शुक्रवार को अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट के मामले में कोर्ट में सुनवाई थी। इस दौरान मुकदमे में आरोपी अब्दुल्ला आजम अपने अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट पहुंचे। उनके साथ कोर्ट के बाहर तमाम समर्थक भी मौजूद थे। वहीं, मुकदमे के वादी भाजपा नेता आकाश सक्सेना भी कोर्ट पहुंचे। उनके साथ भी बड़ी तादात में समर्थक कोर्ट के बाहर मौजूद थे। कोर्ट कार्यवाही के दौरान अब्दुल्ला आजम और आकाश सक्सेना आमने-सामने बैठे थे।